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Chandigarh Chandigarh अम्बाला सिटी. हुडा के एक्सईएन ने नियमों को ताक पर रखकर चार लोगों की नियुक्ति कर डाली। हालांकि हुडा के इस्टेट दफ्तर में एसडीओ है, फिर भी एक सेवानिवृत्त व्यक्ति को ड्राइंग शाखा का कार्यभार सौंपा गया है। इस संबंध में शिकायतें आने पर भास्कर टीम मौके पर पहुंच कर हकीकत से रू-ब-रू हुई।
सरकारी खाते से नहीं मिलता वेतन
ड्राइंग ब्रांच में एसडीओ का पद संभालने वाले मंगतराम खन्ना करीब 12 हजार रुपए, एक्सईएन की स्टेनो कम क्लर्क रेणु 3000, एस्टेबलिशमेंट क्लर्क रामस्वरूप 4000, सेक्टर-9 स्थित सब डिवीजन नंबर दो में क्लर्क ममता 3000 के करीब वेतन पाते हैं। इसका भुगतान विभाग की ओर से वाउचर या चेक से नहीं होता है। यह अन्य खातों से जाता है। सूत्रों की मानें तो विभाग में अस्थाई कर्मियों को डीसी रेट पर रखा जाता है, लेकिन इनके मामले में इसकी अनदेखी की गई।
क्या हैं इनके काम
1. ड्राइंग ब्रांच के बॉस मंगतराम खन्ना एसडीओ और जेई की जिम्मेदारी संभालते हैं। इनका काम टेंडर देखना है।
2. क्लर्क कम स्टेनो रेणु का काम एक्सईएन का डिक्टेशन नोट करना है।
3. रामस्वरूप की जिम्मेदारी नक्शा पास करना है।
4. ममता का काम पानी के बिल का रिकॉर्ड संभालना है।
विभाग में कर्मचारियों की कमी है। यदि लोगों को काम पर नहीं रखा जाए तो विभाग बंद होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
-एके आर्य, एक्सईएन, हुडा विभाग, अम्बाला।
मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि अम्बाला के हुडा ऑफिस में गलत तरीके से कर्मचारियों को रखा गया है। इसकी जांच कराई जाएगी। एक्सईएन बिना किसी परमिशन के नियुक्ति नहीं कर सकते। जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा।
-नीलम प्रदीप कासनी, मुख्य प्रशासक हुडा, पंचकूला