भोपाल. प्रदेश के मान्यता प्राप्त बीएड कालेजों में खाली पड़ी साढ़े आठ हजार सीटों के लिए काउंसिंिलंग की प्रक्रिया अभी तय नहीं की गई है। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिनों के भीतर इन सीटों के लिए काउंसिलिंग करने के निर्देश दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग अभी इस मामले में विधि विभाग की राय ले रहा है। इस काउंसिंिलग के माध्यम से मान्यता विहीन कालेजों के विद्यार्थियों को शिफ्ट करने के साथ पहले प्रवेश न ले पाए छात्रों को भी मौका दिया जाना है।
उच्च शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार काउंसिलिंग कराने के मामले पर विधि विभाग की राय मांगी है। इसके लिए विवि से मौजूदा कालेजों, मान्यता की स्थिति, कुल सीटें और छात्र संख्या आदि जानकारियां मंगाकर विधि विभाग को सौंपी गई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में भी शासन ने नए छात्रों की 180 दिन की पढ़ाई न हो पाने का तर्क रखा था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
सूत्र बताते हैं कि शासन के उच्च अधिकारी अभी भी इसी बात को लेकर परेशान हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले पर शासन कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाने का मन भी बना रहा है। इस स्थिति के चलते माना जा रहा है कि मान्यता विहीन कालेजों के पांच हजार छात्रों को शिफ्ट करने के लिए काउंसिलिंग अगले सप्ताह में की जा सकती है, लेकिन बाकी साढ़े तीन हजार सीटों पर प्रवेश करने के मुद्दे पर अधिकारी कुछ भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं। उधर, बीएड कालेज संचालकों को अपनी खाली सीटें भर जाने की उम्मीद नजर आ रही है, क्योंकि विवि द्वारा आयोजित प्री बीएड परीक्षा में 32 हजार छात्र शामिल हुए थे। जबकि सितंबर 07 में हुई काउंसिंिलग में करीब 26 हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया था।