जयपुर. शहर पुलिस ने सोमवार को किडनी कांड के मुख्य आरोपी डॉ. अमित उर्फ संतोष को शहर की फास्ट ट्रेक अदालत में पेश किया। जज फूलचंद झाझड़िया ने डॉ. अमित को 26 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अपरलोक अभियोजक कृष्ण कुमार भटनागर ने कोर्ट को बताया कि सोढ़ाला थाने में वर्ष 1995 में किडनी निकालने के तीन मामले दर्ज हैं। इनमें अमित की तलाश थी और उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था।
सीबीआई के गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय अदालत ने इस मामले को फिर से खोल लिया। केस अफसर रघुराजसिंह के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने अमित के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किए और पुलिस अमित को लेने के लिए अंबाला गई। अंबाला से हरियाणा पुलिस के साथ जयपुर लौटने पर अमित को अदालत में पेश किया। हालांकि अदालत ने डॉ. अमित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है किन्तु पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है।
चेहरे पर शिकन तक नहीं: अमित के आने से पहले ही कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। अमित को कोर्ट के गेट नम्बर 2 से हरियाणा पुलिस के ही वाहन में लाया गया। परिसर में अमित सिर नीचे किए हुए था किन्तु उसके चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं थी। वह लगभग 20 मिनट तक कोर्ट में ही रहा। पेशी के दौरान वह खामोश रहा।
परिसर में उमड़े मीडिया कर्मी: अमित को कोर्ट में लाने की खबर मिलते ही मीडिया कर्मी सुबह दस बजे से पहले ही कोर्ट परिसर में जमा हो गए।