जयपुर. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे विधानसभा में अपनी सरकार का अंतिम बजट पेश करने आ रही थीं तो ऐसा लग रहा था मानो वे बजट नहीं चुनावी घोषणा-पत्र जारी करने जा रही हैं। उनका उसी अंदाज में सत्तापक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री द्वारा पेश वर्ष 2008-09 का यह बजट युवाओं और महिलाओं को समर्पित है।
चुनावी साल होने के कारण बजट में नई घोषणाओं की भरमार रही। इस बजट में करीब एक दर्जन नई योजनाएं शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके बावजूद अप्रत्यक्ष रूप से जनता पर मामूली कर भार भी बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर फायदे का बजट पेश किया है जिसके अनुसार अधिशेष करीब 180 करोड़ रुपए बताए गए हैं। इस प्रकार राजकोषीय घाटा (जीएसडीपी) करीब 3 प्रतिशत रहने की संभावना है।
वर्ष 2008-09 में 32 हजार 986 करोड़ 25 लाख रुपए की राजस्व का दावा किया गया है। इसी प्रकार 5 हजार 769 करोड़ रुपए के कर्जे का प्रावधान किया गया है। सरकार ने आगामी वित्त वर्ष में एक हजार 780 करोड़ की योजनाओं की घोषणा की। इन्हें पूरा करने के लिए 876 करोड़ 50 लाख रुपए का प्रावधान विशिष्ट योजना मदों में किया गया है। इसके अलावा 900 करोड़ रुपए का राजस्थान इन्वेस्टमेंट फंड बनाया है।
चुनावी साल के बावजूद सरकार ने डिपार्टमेंटल स्टोर से फल-सब्जियों की खरीद पर चार प्रतिशत टैक्स लगा दिया है। खनन पर पर्यावरण सैस लगा दिया है। इसके अलावा पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स बढ़ा दिया है। पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत आरक्षण देने को ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं का दिल जीतने का प्रयास माना जा रहा है। इसी प्रकार कर्मचारियों की कुछ लंबित मांगों को पूरा कर दिया गया। नई भर्तियों का तोहफा भी चुनावी साल में दिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि और पंचों का भत्ता बढ़ाकर जनाधार मजबूत करने का प्रयास किया गया है। तीन हजार से ज्यादा स्कूल खोलने के साथ-साथ बिजली कनेक्शनों की लालीपॉप दी गई है। चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टर,नर्स आदि की भर्ती की घोषणा कर युवाओं को खुश करने का प्रयास किया गया है। भामाशाह योजना की घोषण कर बीपीएल परिवारों को भी जोड़ने की कोशिश की गई है। वृद्धावस्था और विधवा पेंशन बढ़ाकर इस वर्ग को आकर्षित करने का प्रयास किया गया है। मनोरंजन कर में छूट, पापड़ खार, गोबर गैस प्लांट को कर मुक्त कर दिया है। मार्बल पर भी टैक्स घटा दिया है।
हर वर्ग को छूने की कोशिश
वसुंधरा राजे, मुख्यमंत्री
भले ही लोग इस बजट को चुनावी बताएं, लेकिन हमने इसमें हर वर्ग को छूने की कोशिश की है। पहला बजट जरूर महिलाओं को समर्पित किया था, लेकिन इस बार का बजट आम आदमी को समर्पित किया गया है। पिछले बजट में भी नई योजनाओं को वित्त पोषित किया था। इस बजट में भी योजनाओं को पूरा करने के लिए राशि की व्यवस्था की गई है।
बजट में 1780 करोड़ रुपए की नई योजनाएं घोषित की गई हैं। इन पर एक सप्ताह बाद ही अमल शुरू हो सके, इसके लिए 876.50 करोड़ रुपए का विशिष्ट योजना मद में और बाकी जरूरतों के लिए राजस्थान इन्वेस्टमेंट फंड में एकमुश्त 900 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। पंचायतीराज में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण के लिए पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।
यह संशोधन विधेयक जल्दी लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में न केवल परिसंपत्तियों का निर्माण किया है, बल्कि उनकी थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराई है।
जनता को गुमराह करने वाला बजट
अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री
नए बजट प्रस्ताव चुनावी वर्ष में लोक-लुभावने वायदों से भरे हुए और आम लोगों को गुमराह करने वाले हैं। बजट के आंकड़ों की बाजीगरी करने का प्रयास किया गया है। वित्तीय प्रबंधन का हाल यह है कि कर्ज का भार 1998 से 2003 के बीच 23 हजार करोड़ से बढ़कर 47 हजार करोड़ हुआ था। अब यह बढ़कर 4 वर्ष में ही 77 हजार करोड़ से भी अधिक हो गया है।
सवाल यह उठता है कि यदि वित्तीय प्रबंधन अच्छा है तो बजट में किसानों को पाले और शीतलहर से हुए नुकसान की भरपाई की घोषणा करने में क्या दिक्कत थी? मुख्यमंत्री ने चुनावी लाभ के लिए बजट लोक लुभावन बनाया है। राज्य में वित्तीय प्रबंधन के दावे खोखले हैं।
बजट एक नजर में
बड़ी कंपनियों के डिपार्टमेंटल स्टोर में फल-सब्जियों पर 4 प्रतिशत कर।
डीएलसी रेट से अधिक दर पर रजिस्ट्री कराने में स्टांप ड्यूटी पर 50 प्रतिशत की छूट।
180 करोड़ रुपए के फायदे का बजट
संभागों को भी मिला कुछ न कुछ
समाज के सभी वर्र्गो का रखा ध्यान
आठ नई योजनाएं, दो मिशन स्थापित
राजस्थान निवेश कोष में 900 करोड़ का प्रावधान
बीपीएल परिवारों की महिलाओं के नाम स्मार्ट कार्ड से बैंक खाता खुलवाने पर 1500 रुपए की प्रोत्साहन राशि।
वाणिज्य कर विभाग की 67 सीमा चैक पोस्ट एक मई से समाप्त।
मनोरंजन कर 35 से घटाकर 30 प्रतिशत किया।
डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर पर 10 प्रतिशत मनोरंजन कर।
-खनन पर पर्यावरण और स्वास्थ्य उपकर (सेस)।
-पांच साल (तिपहिया को छोड़कर) पुराने वाहनों ग्रीन टैक्स 200 से बढ़ाकर 500 रुपए।
-अनुदानित संस्थाओं की अनुदान वृद्धि पर एक अप्रैल 2008 से रोक हटी
-न्यूनतम मजदूरी में 34 रुपए तक की बढ़ोतरी
-सभी जिला अस्पतालों में होंगे हैल्थ मैनेजर
-सरकारी हवाई पट्टियों पर निजी कंपनियां दे सकेंगी अपने पायलटों को प्रशिक्षण।
-पूर्व सैनिकों के लिए एक्स-सर्विसमैन प्लेसमेंट कंपनी का निजी सहभागिता में गठन।
-25 नए पुलिस थाने और 139 नई चौकियां खुलेंगी, आठ नए पुलिस सर्किल खुलेंगे