जयपुर.
बजट में शहर के युवाओं के लिए मेडिकल, आईटी, कंप्यूटर शिक्षा को लेकर कुछ घोषणाएं भले ही की गई हैं, लेकिन हर घर के मुद्दे ‘पीने के साफ पानी’ पर सरकार का ध्यान ही नहीं गया। दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों से त्रस्त शहरवासियों की दूषित पानी से निजात दिलाने की मांग पूरी नहीं हुई।
एसएमएस अस्पताल में महिलाओं के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था जुटाने की घोषणा से कुछ राहत मिली है, लेकिन सेटेलाइट हॉस्पिटल्स में विशेष जांच व जटिल बीमारियों के ऑपरेशनों जैसी सुविधाएं बढ़ाने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। आईसीयू को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में देना लोगों के गले नहीं उतर पा रहा है। उद्योग जगत को बजट में जगह नहीं मिल पाई है।
पार्किग की नई नीति
शहर में बढ़ते यातायात के कारण वाहनों की पार्किग संबंधी समस्या को निबटाने के लिए सरकार ने बजट में नई पार्किग पॉलिसी का प्रावधान किया है। इसके तहत निजी भूमि पार्किग के लिए अवाप्त कर उसके बदले भूखंड मालिक को उसकी किसी दूसरी परियोजना में मुआवजा दिया जाएगा। इस प्रावधान से बिल्डरों को ज्यादा फायदा मिलेगा।
मुंबई की तर्ज पर छोटे से छोटे भूखंड पर मैकेनिकल पार्किग बनाने की व्यवस्था की जाएगी। यह प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है कि निजी भूखंडों के मालिक खुद पार्किग बनाकर उसे ठेके पर दे सकेंगे। इसके अलावा पार्किग के आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल पर जोर रहेगा, ताकिकम जगह में अधिक वाहन पार्क किए जा सकें।
अमानीशाह नाले में वाक-वे
जयपुर शहर के सौंदर्यीकरण के तहत 35 किलोमीटर लंबे अमानीशाह नाले को स्मृति वन की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार जेडीए व नगर निगम की साझेदारी से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत एक कंपनी बनाएगी, जो अमानीशाह नाले को पुणो के ओशो गार्डन की तरह हरित पट्टी के रूप में विकसित करेगी।
नाले के दोनों किनारों पर वृक्षारोपण और उसके अंदर साइकिल ट्रैक व वाक-वे और बैठने की बैंचें लगाई जाएंगी। जगह-जगह पिकनिक स्पॉट व कॉफी हाउस बनाए जाएंगे। नाले के पानी का ट्रीटमेंट कर उसे फिर से उपयोग लायक बनाया जाएगा। इसी पानी से वहां सिंचाई की जाएगी।
सेंटर फॉर कनवर्जिंग टेक्नोलॉजीज
राजस्थान विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर कन्र्व्िजग टेक्नोलॉजीज की स्थापना के बाद अब इसके भवन निर्माण तथा उपकरण खरीद के लिए वन-टू-वन मैचिंग ग्रांट के रूप में 2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई है।
वर्तमान में इस सेंटर में नैनो टेक्नोलॉजी, बायो इन्फोर्मेटिक्स, इन्फोरमेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी व कोग्नेटिव एंड न्यूरोसाइंसेज विषयों पर कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी 600 छात्रों के लिए अलग से भवन नहीं है। अब तक इसके लिए विवि को 4 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। उपकरणों व भवन पर कुल 8 करोड़ रुपए खर्च होने हैं।
बाजार भाव में रजिस्ट्री पर छूट
जयपुर में बड़ी संख्या में लोग संपत्ति की खरीद-फरोख्त के समय बैंक से ज्यादा ऋण लेने के लिए डीएलसी दरों की बजाय बाजार भाव की बढ़ी दरों पर रजिस्ट्री करवाते हैं। इसमें स्टांप शुल्क पर 50 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान किया गया है। इसके बाद संपत्ति पर बैंक से ज्यादा ऋण लेने की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा पंजीयन की विवादित राशि के खिलाफ अपील करने वालों को पहले जहां विवादित राशि का 50 प्रतिशत जमा कराना पड़ता था, उसे घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रावधान है।
रंगाई-छपाई उद्योग
वुडन ब्लॉक्स को कर मुक्त करने से छोटे व्यवसायियों को लाभ मिलेगा और रोजगार भी बढ़ेगा। हैंडप्रिटिंग गुजरात में भी वैट से मुक्त है। पहले इस पर वैट लगा हुआ था। इस कारण छोटे व्यवसायी टैक्स के झमेले में फंसे रहते थे। उनके उत्पाद दूसरे राज्यों से महंगे होते थे।
प्रवेश मार्र्गो पर स्वागत द्वार
दिल्ली रोड, आगरा, टोंक, सीकर व अजमेर रोड सहित सभी प्रमुख मार्र्गो पर जयपुर शैली के विशाल प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इन द्वारों पर कंगूरे, जयपुरी व राजस्थानी लोक संस्कृति का पेंटिंग्स के जरिए चित्रण होगा। ये राज्य व देश के बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे।
दूसरी शाही रेल दिसंबर में
पर्यटन विभाग और रेलवे की संयुक्त भागीदारी के रूप में शाही रेल (पैलेस ऑन व्हील्स-2) दिसंबर से पटरी पर दौड़ेगी। ट्रेन के डिब्बों का निर्माण चेन्नई में तेजी से चल रहा है और वे अप्रैल से जयपुर आने लगेंगे। इनकी आंतरिक साज-सज्जा का काम दिल्ली की एक कंपनी को दिया गया है। दूसरी शाही रेल के 40 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से राजस्थान पर्यटन में एक नया मोड़ आएगा। वर्तमान पैलेस ऑन व्हील्स की 2010 तक सौ प्रतिशत बुकिंग को देखते हुए नई रेल चलाई जा रही है।
मल्टीप्लैक्स को मिलेगा रिफंड
सिनेमा उद्योग में मंदी को देखते हुए 31 मार्च, 2002 तक चालू मल्टीप्लैक्स को पहले तीन वर्ष तक के लिए मनोरंजन कर में 100 प्रतिशत तक छूट, चौथे वर्ष के लिए 90 प्रतिशत तथा पांचवें वर्ष के लिए 80 प्रतिशत मनोरंजन कर में छूट देने का बजट में प्रावधान किया गया है। पूर्व में 31 मार्च, 2002 तक चालू सिनेमाघरों को 5 साल तक मनोरंजन शुल्क में शत प्रतिशत छूट दी गई थी, लेकिन मल्टीप्लैक्स के लिए 18 फरवरी 2002 को ये रियायतें वापस ले ली गई थीं।
इस प्रावधान के बाद अब मल्टीप्लैक्स को करोड़ों का टैक्स रिफंड किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व सरकार ने जब इस रियायत को वापस लिया था तो न केवल जयपुर के मल्टीप्लैक्स वालों ने, बल्कि मुंबई फिल्म उद्योग से जुड़ी बड़ी हस्तियों ने भी जबरदस्त विरोध किया था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
निखरेगा टाउन हॉल
सवाई मानसिंह टाउनहॉल (पुरानी विधानसभा) अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के म्यूजियम में तब्दील होगा। इसके लिए बजट में 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें आर्म्स, पेंटिंग, ज्वैलरी, मूर्तियों आदि की गैलरियां होंगी। परफर्ॉ्िमग आर्ट व लाइट-साउंड का विशेष आकर्षण रहेगा। इसके लिए आमेर विकास प्राधिकरण ने एक कंपनी से एमओयू किया है। हवामहल, जलेब चौक, गोविंददेवजी, सिटी पैलेस के बीच स्थित इस पुरा महत्व की इमारत का विकास होने पर पर्यटन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।
महिलाओं के लिए वेलनेस क्लीनिक
एसएमएस अस्पताल में स्त्री रोगोपचार के लिए वेलनेस क्लीनिक बनेगा। इसमें कैंसर, जोड़ों का दर्द, तनाव सहित तमाम रोगों का इलाज होगा। इसके साथ ही बांगड़ विंग में लीनियर एक्सेलरेटर सितंबर माह में शुरू हो जाएगा। इसमें कैंसर का अत्याधुनिक तरीके से इलाज होगा। इस क्लीनिक पर 60 लाख रुपए खर्च होंगे। राज्य बजट में जयपुर सहित सभी 6 मेडिकल कॉलेजों में महिला विंग के विस्तार पर 50-50 लाख रुपया खर्च किया जाएगा। इसके अलावा राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा नए सत्र से जेरिएट्रिक केयर, न्यूट्रीशन मेडिसिन व स्पोर्ट्स मेडिसिन के विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
सुबोध कॉलेज में नॉलेज सेंटर
सुबोध कॉलेज में महारानी कॉलेज की तर्ज पर नॉलेज सेंटर बनाया जाएगा। इस सेंटर में छात्र-छात्राओं को रोजगार संबंधी कौशल प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। सेंटर में नियमित रूप से प्लेसमेंट सर्विस के लिए कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
कॉलेजों में बैंकिंग, बीमा कोर्स
आईसीआईसीआई बैंक की सहायता से 20 कॉलेज में बैंकिंग व इंश्योरेंस के कोर्स खुलेंगे।
6608 माध्यमिक व उ.माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू होगी।
जयपुर के सैनिक विश्राम गृह की क्षमता का विस्तार कर दुगना करने के लिए 40 लाख खर्च होंगे।
जयपुर में अप्रैल 2008 में ग्रेट इंडिया ट्रैवल बाजार का आयोजन किया जाएगा। ये भारत में किसी भी राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित पहला पेन इंडिया अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल मार्ट होगा।
शहर के प्रमुख चौखटियों पर निर्माण श्रमिकों के लिए पेयजल व सुलभ शौचालय की व्यवस्था की जाएगी।
रोडवेज के कुलियों के लिए जयपुर बस स्टैंड पर विश्राम स्थल, धोबी व समाचार पत्रों के हॉकर्स के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य व जीवन बीमा योजना शुरू की जाएगी।
एविएशन स्पिरिट (एटीएफ) पर लगने वाला कर 28 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया गया है।