इंदौर. लोग अभी रोटी और खाद्य तेलों के महंगे होने के सदमे से उबरे ही नहीं थे कि सोमवार को सभी दालों के दामों में भी आग लग गई। प्रदेश में मल्टीनेशनल कंपनियों की मसूर में भरपूर खरीदी से मसूर दाल में करीब 500 और मसूर के दामों में 350 रुपए प्रति क्विंटल की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा तुवर, मूंग, उड़द और इनकी दालों के दाम भी करीब 100-150 रु. प्रति क्विंटल तक बढ़ गए।
उधर, चने का उत्पादन अनुमान से करीब 40-50 फीसदी कम बताया जा रहा है। इसके चलते बाजारों में आने के साथ ही चने की कीमतें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं और इंदौर में चना कांटा अभी तक के रिकॉर्ड भाव 2825 रुपए पर पहुंच गया। इस व्यापार से जुड़े संकर असावा का कहना है कि ऊंचे भावों पर भी स्टॉकिस्टों की मांग को देखते हुए चना और भी महंगा हो सकता है।
इसी तरह विदेशी बाजारों में कच्चे तेल का कामकाज 100 डॉलर से ऊपर होने से भारतीय बाजारों में भी खाद्य तेल लगातार महंगे होते जा रहे हैं। 21 फरवरी को खेरची में सोयाबीन तेल 64-65 रुपए प्रति किलो तक बिक गया था जो 25 फरवरी तक बढ़कर 65-67 प्रति किलो तक बोला जाने लगा है। व्यापारी राजेंद्र दम्माणी का कहना है सरकार समय रहते नहीं चेती तो खाद्य तेल उपभोक्ताओं को 90 रुपए लीटर मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।
उधर, आगामी चुनावों के मद्देनजर किसानों को खुश करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं पर 100 रु. बोनस दिए जाने की घोषणा ने खुले बाजारों में गेहूं के भावों में तेजी का माहौल बना दिया है और यह तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक सप्ताह में ही करीब 100 रु. क्विंटल की तेजी आ चुकी है और मिल क्वालिटी गेहूं 1130-1150 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।