कोटा. राज्य के बजट में पोलिश्ड कोटा स्टोन पर टैक्स की दर 12.5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत करने से उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिलेगी। इससे कोटा स्टोन से मिलने वाले राजस्व में डेढ़ गुना बढ़ोतरी होने का भी अनुमान है। उद्यमियों का कहना है कि राज्य सरकार ने रफ माल पर तो पूर्व में टैक्स 12.5 घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया था, लेकिन पोलिश्ड पत्थर पर टैक्स की दर कम नहीं होने से टैक्स की चोरी हो रही थी।
वाणिज्यिक कर विभाग को भी इससे पूरा राजस्व नहीं मिल पा रहा था।उद्योग से सरकार को 13 करोड़ रुपए टैक्स दिया जा रहा था। अब कर की दर चार प्रतिशत करने से उपभोक्ताओं को 85 पैसे वर्ग फुट की दर से कम भुगतान करना होगा। अब दर कम होने से राज्य सरकार के राजस्व में डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी होगी। पहले दूसरे राज्यों में माल भेजते समय कर चोरी होती थी। कारण कि केन्द्रीय बिक्री कर की दर 3 प्रतिशत होने से 9.5 प्रतिशत का अंतर था। अब एक प्रतिशत का अंतर रहेगा। इतने से अंतर के लिए कोई भी कर चोरी नहीं करना चाहेगा।
इस समय कोटा स्टोन की बिक्री पर सरकार को 13 करोड़ रुपए टैक्स दिया जा रहा है। अब इसमें डेढ़ गुना बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।’
— राजेश गुप्ता, संस्थापक अध्यक्ष हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिशन ‘
‘उपभोक्ताओं को कोटा स्टोन अब 85 पैसे प्रति वर्ग फुट कम भुगतान करना पड़ेगा। पहले उन्हें 1.25 रुपए अधिक देने पड़ते थे।’
— -राजेन्द्र जैन, अध्यक्ष हाडोती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज