कोटा. रेलमंत्री लालूप्रसाद यादव द्वारा मंगलवार को पेश किए जाने वाले रेल बजट को लेकर कोटा के नागरिकों को काफी उम्मीदें हैं। कोटा रेल मंडल प्रशासन ने रेल बजट के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव मुख्यालय जबलपुर भेजे हैं। इनमें कोटा से हावड़ा, कोटा से अजमेर, कोटा से नागदा, कोटा से उदयपुर के बीच नई ट्रेन चलाने की मांग शामिल हैं। प्रस्ताव में तर्क दिया गया है शैक्षणिक नगरी में देशभर से छात्र-छात्राएं कोचिंग लेने आते हैं।
कोटा से हावड़ा के लिए फिलहाल कोई सीधी ट्रेन नहीं हैं। इससे लोगों को ट्रेन बदलकर जाना पड़ता है। इसी प्रकार कोटा से अजमेर के बीच नई ट्रेन नहीं होने से लोगों को बसों से यात्रा करना पड़ता है। कोटा से उदयपुर के बीच नई ट्रेन चलाने से रेलवे की आय में वृद्धि होगी।
कोच बढ़ाने का प्रस्ताव
कोटा-जयपुर, मथुरा-रतलाम, कोटा-बड़ौदा व कोटा-आगराफोर्ट में कोच बढ़ाए जाने का प्रस्ताव जबलपुर मुख्यालय भेजा गया है। मथुरा-रतलाम सहित उक्त सभी ट्रेन आम जनता से जुड़ी हैं। इन ट्रेनों में कम कोच लगे होने के कारण लोगों को यात्रा में परेशानी होती है। बजट में इन ट्रेनों में कोच बढ़ाने की घोषणा होने की संभावना है।
मेवाड़ एक्सप्रेस के बूंदी में ठहराव का प्रस्ताव
मेवाड़ एक्सप्रेस का बूंदी रेलवे स्टेशन पर ठहराव का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। इस ट्रेन के ठहराव को मंजूरी मिलने से बूंदी व आसपास के यात्रियों को लाभ मिलेगा।
जनशताब्दी को भी दिल्ली से आगे तक चलाने का प्रस्ताव
कोटा से निजामुद्दीन के बीच चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस को दिल्ली से आगे तक चलाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
कोचों में नहीं सुधरी बर्थो की स्थिति
रेल मंत्री लालूप्रसाद यादव ने पिछले रेल बजट में अनारक्षित कोचों में गद्दीदार सीटें लगाने की घोषणा की थी। अभी तक पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों के कोचों में इसका काम शुरू नहीं हो सका। इसके कारण लोगों को पुरानी तरीके की बनी लकड़ी की बर्थो पर बैठकर यात्रा करना पड़ रहा है। इससे यात्री बेहतर सुविधा से वंचित हैं।
इसी प्रकार ट्रेनों में कोचों की संख्या नहीं बढ़ी। कुछ ट्रेनों को छोड़कर अधिकतर ट्रेनें 18 कोच से ही चलाई जा रही है। इसके कारण यात्रियों को भीड़भाड़ में यात्रा करनी पड़ती है। स्लीपर कोच कम होने से आरक्षण में भी प्रतीक्षा सची लंबी होती है।
कोटा-हावड़ा, कोटा -नागदा, कोटा-उदयपुर के बीच नई ट्रेन का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। इससे कोटा के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी।
—सुनील कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक