bhaskar Web English
HomeNewsRajasthanKota Kota

कम मिला, ज्यादा गिला

कोटा.happiness हाडोती से जुड़े हुए कई पहलू जिनके बजट में शामिल होने की संभावना थी, नदारद रहने से लोग निराश हुए लेकिन शिक्षा और गांवों में विकास के लिए बजट में प्रावधान करने से कई लोग खुश हुए। दरअसल, सरकार के आखिरी बजट को लेकर सोमवार की सुबह से लोगों में उत्सुकता बनी रही। सुबह 10 बजे जैसे ही बजट भाषण प्रारंभ हुई विभिन्न सेक्टरों से जुड़े लोग टेलीविजन, इंटरनेट, रेडियो, मोबाइल समेत अन्य संचार संसाधनों के संपर्क में आ गए।

व्यापारी, उद्योगपति, चार्टेड एकाउंटेंट, टैक्स सलाहकार, अर्थशास्त्री, निजी शिक्षण संस्थानों के लोग, डॉक्टर तथा कर्मचारी बजट भाषण की एक-एक घोषणाओं को जानने के लिए बेताब दिखाई दिए। जो लोग व्यस्त थे वे, मोबाइल एसएमएस के जरिए संबंधित बजट घोषणाओं की जानकारी लेते रहे। दोपहर बाद जैसे ही भाषण खत्म हुआ, चर्चाओं के दौर शुरू हो गए। फोन पर एक-दूसरे को जानकारी देने और लेने का सिलसिला प्रारंभ हुआ।

सरकार में विपक्ष में बैठे राजनीतिक दलों में बजट को लेकर बातचीत प्रारंभ हो गई। ज्यादातर लोगों ने सरकार के पांचवें और अंतिम बजट को लेकर कोई खास उत्सुकता नहीं दिखाई। लोगों का कहना था कि सरकार का अंतिम बजट चुनावी होता है जिसके क्रियान्वयन को लेकर संशय बना रहता है। वैसे भी हाडोती को ज्यादा कुछ नहीं मिला। बहरहाल, राज्य बजट के साथ बजट सीजन का दौर शुरू हो चुका है। मंगलवार को केंद्रीय रेल मंत्री लालू यादव रेल बजट पेश करने जा रहे हैं।

आशाओं पर खरा नहीं

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत अपनी सरकार के पांचवें बजट से कोटा की उम्मीदें पूरी नहीं हुई। एक वर्ष पहले बजट में कन्वेंशन सेंटर शुरू करने की घोषणा की गई थी लेकिन, अभी तक उस पर निर्माण शुरू नहीं हुआ। यही स्थिति मेडिकल कॉलेज की रही। इस बार बजट में इसके लिए कोई राशि निर्धारित नहीं की गई। पूर्व में बनाए गए पांच सौ बेड के अस्पताल का शुभारंभ भी नहीं हो पाया।

यह अस्पताल मुख्यमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा कर रहा है। कोटा में रंगकर्मियों को मंच प्रदान करने के लिए काफी समय से आडिटोरियम की मांग की जाती रही है। पिछले वर्ष 25 जनवरी को मुख्यमंत्री ने कोटा में इस कमी को पूरा करने के लिए कन्वेंशन सेंटर की घोषणा की, इसे बजट में भी शामिल किया गया। नगर विकास न्यास इसके लिए प्रयास करता रहा।

पिछले दिनों इसे बीओटी आधार पर बनवाने का प्रस्ताव तैयार करके राज्य सरकार के सम्मुख प्रस्तुत किया लेकिन, उसे नकार दिया गया। सोमवार को घोषित बजट में इसका जिक्र तक नहीं किया गया। पिछले बजट में अस्पताल में कैथलेब व सिटी बस सेवा शुरू करने की भी घोषणा की गई थी। कैथ लेब का निर्माण तो अभी शुरू नहीं हो पाया जबकि सिटी बस राजहंस एक वर्ष में ही दम तोड़ गई।

मेडिकल कॉलेज परिसर में पांच सौ बेड का अस्पताल बनकर तैयार पड़ा हुआ है लेकिन, उसे चालू नहीं किया जा सका। अस्पताल प्रशासन को इसके लिए मुख्यमंत्री का इंतजार है। किशोर सागर के सौंदर्यकरण, बंद उद्योगों को चालू करने के बारे में बजट में कोई प्रावधान नहीं है। हाडोती में बारां जिले की नगर पालिका काफी समय से जिला परिषद में होने का इंतजार कर रही है। इस बजट में इसकी उम्मीद थी लेकिन, वह पूरी नहीं हुई।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: