अजमेर. बीएड की फर्जी डिग्री पेश कर नौकरी हासिल करने वाले चार बर्खास्त अध्यापकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। लगभग 17 साल की नौकरी के दौरान एक आरोपी पदोन्नत होकर वरिष्ठ अध्यापक बन चुका था, जबकि बाकी तीनों सीधी भर्ती से वरिष्ठ अध्यापक पद पर ही नियुक्त हुए थे, इनमें एक महिला भी शामिल है। चारों को एक महीने पहले बर्खास्त किया जा चुका हैं।
उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग अजमेर मंडल के सहायक निदेशक दीपक जौहरी ने सोमवार को क्लॉक टावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें बताया गया है कि बद्रीलाल गुर्जर, परवीन बानो और मोहम्मद शरीफ 1991 में वरिष्ठ अध्यापक पद पर नियुक्त हुए थे।
तीनों क्रमश : खातौली, ब्यावर और मोतीबाग टोंक में कार्यरत थे। दूसरी ओर तृतीय श्रेणी अध्यापक से पदोन्नत होकर वरिष्ठ शिक्षक बना कजोड़मल भीलवाड़ा में तैनात था। चारों ने आवेदन के साथ लखनऊ यूनिवर्सिटी की बीएड डिग्री संलग्न की थी। फर्जीवाड़े की शिकायत पर विभागीय जांच की गई तो चारों की डिग्री फर्जी होने की पुष्टि हो गई।
थाना प्रभारी शंकरलाल ओझा ने बताया कि ब्रदीलाल गुर्जर, परवीन बानो और मोहम्मद शरीफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शिक्षा विभाग से पत्रावलियां मांगी गई हैं। दूसरी ओर कजोड़मल के खिलाफ भीलवाड़ा पुलिस ने मामला दर्ज किया है।