बीकानेर. लोग अब अपनी मर्जी से भूखंड पर निर्माण कार्य नहीं करवा सकेंगे। राज्य सरकार ने भवन विनियम 2000 में आंशिक संशोधन करते हुए नए निर्देश जारी कर दिए है। एक निश्चित साइज के भूखंड पर कितनी ऊंचाई तक निर्माण करवाया जा सकेगा, यह भी तय हो गया है। अब से पहले तक न केवल बीकानेर बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी निर्माण के दौरान ऊंचाई और सेटबैक (खाली जगह) के बारे में योजनाबद्ध कार्य नहीं हो पा रहा था।
भवन निर्माण के मामले में अब 750 मीटर से 999 वर्गमीटर के भूखंडों पर ऊंचाई 15 मीटर तक रखने की अनुमति दी जा सकेगी। बहुमंजिला आवास के लिए 1000 मीटर होना जरूरी होगा। नगरीय विकास विभाग के अनुसार दो या दो से अधिक भूखंड मिलाने से जो अतिरिक्त एफएआर मिलेगी, उस पर अब बेटरमेंट लेवी 100 रुपए प्रति वर्गफीट या आरक्षित दर का 25 प्रतिशत जो भी अधिक होगा, भवन निर्माता से वसूला जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडलीय उप समिति की सिफारिश के आधार पर 22 नवंबर 2007 को एक सकरुलर जारी कर बहुमंजिला आवासों के नए मानदंड तय किए थे। इस सकरुलर में काफी कमियां उभर कर सामने आई थीं। इस पर भवन निर्माताओं ने आपत्ति जताई थी।
टावरनुमा भवन की यह होगी शर्त
किसी भी स्ट्रक्चर को टावरनुमा भवन तब माना जाएगा जब टावर के समान हिस्से की ऊंचाई धरातल पर भवन के सबसे चौड़े हिस्से से दुगुनी या इससे अधिक होगी। टावरनुमा भवनों का निर्माण किए जाने पर ऊंचाई के आधार पर खुला स्थान छह मीटर से कम नहीं होगा। चौबीस मीटर से अधिक लेकिन 37.5 मीटर तक की ऊंचाई के भवनों में भूतल पर खुला स्थान 9 मीटर से कम नहीं होगा। 37.5 से ऊंचे भवनों में भूतल पर खुला स्थान 12 मीटर से कम नहीं होगा ।
अमानत राशि का अनुपात तय : नगरीय विकास विभाग ने भूखंडों के आकार के अनुपात में अमानत राशि भी तय कर दी है। अब 1000 से 2500 वर्गमीटर तक पांच लाख, 2500 से 4000 मीटर तक 10 लाख, 4000 से 10000 मीटर तक 15 लाख एवं 10000 मीटर से अधिक के भूखंड पर बहुमंजिला आवास बनाने पर 20 लाख रुपए देने होंगे। नगरीय विकास विभाग ने भवन में अग्नि सुरक्षा प्रबंध के लिए यह अमानत राशि वसूलने का प्रावधान किया है।
चैकलिस्ट भरनी होगी
संबंधित निकाय भवन मानचित्र के अनुमोदन में होने वाले विलंब को रोकने के लिए अब पत्रावली में एक चेक लिस्ट का प्रपत्र लगवाएंगे। भवन निर्माता इस चेकलिस्ट को भरकर देगा। दस्तावेज कम होने पर उसी समय भवन निर्माता को कमियां दूर करने के बारे में सूचित कर दिया जाएगा।
संशोधनों के माध्यम से न केवल बीकानेर में भवन निर्माण को एकरूपता मिलेगी वहीं सौंदर्य भी बढ़ेगा। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह संशोधन महत्वपूर्ण है।
-आर.के.सुतार, वास्तु विशेषज्ञ
22 नवंबर 2007 में जारी भवन विनिमय में काफी विसंगतियां थी। इस कारण कई दिक्कत खड़ी हो गई थी। इस बारे में स्वायत्त शासन मंत्री को एक ज्ञापन भी दिया था। इसके बाद यह संशोधित सकरुलर जारी किया गया।
-गोपाल गुप्ता, अध्यक्ष राज.बिल्डर्स एसोसिएशन
ऐसा कोई सकरुलर नगर विकास न्यास के पास आया है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
-प्रियंका गोस्वामी, सचिव, नगर विकास न्यास