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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
मुंबई की तरह इंग्लैंड में भी अंदरूनी तौर पर रंगभेद है, लेकिन इस कारण वहां टैलेंट नहीं मारा जाता। ब्रिटिशर्स को टैलेंट की पहचान है और आप में क्वालिटी है तो लोग स्वीकार करेंगे। अब वह दौर गया जब हिंदुस्तानियों को वहां हिकारत की नजर से ही देखा जाता था। यह नजरिया है इंग्लैंड में ग्लोस्टर के मेयर हरजीत सिंह गिल का।
गिल 32 साल पहले पंजाब के गांव दहोता से इंग्लैंड जा बसे। गिल सोमवार को चंडीगढ़ में थे। सुबह गिल चंडीगढ़ के मेयर से मिले और शाम को यूटी गेस्ट हाउस में थे। बोले जब र्मैं इंग्लैंड गया था तो सोचा भी नहीं था कि कभी वहां की क्वीन के साथ बैठूंगा..वक्त बदला और आज सब कुछ सबके सामने हैं। मैंनें वहां अपना कारोबार शुरू किया प्रॉपर्टी बिजनेस से, लेकिन आज मैं 2 पोस्ट ऑफिस भी फ्रेंचाइजी के तौर पर चला रहा हूं।
हिंदुस्तान से जुड़ी जड़ों पर वह बोले कि मेरा मानना है कि यहां से ज्यादा इंग्लैंड में लोग इंडिया से जुड़े हैं। मैनें अपने बच्चों को एजुकेशन के लिए डलहौजी भेजा और बेटा बेटी की शादी यहां से की। विदेश जाने की ललक पर बोले कि हर एक का अपना फैसला होता है, लेकिन मुझसे पूछे तो मैं वापस नहीं आ सकता। वहां बच्चे पेरेंट्स का ख्याल रखतेहैं और पेरेंट्स भी बच्चों को टाइम देते हैं।
चंडीगढ़ में हो चेरिटी ट्रस्ट: गिल मेयर प्रदीप छाबड़ा मिलकर उन्हें यहां एक ट्रस्ट बनाने का सुझाव दिया जिससे गरीब बच्चों को एजुकेशन और हेल्थ के लिए मदद दी जाए। गिल कहते हैं कि हमने वहां एक ट्रस्ट बनाया है जिससे गरीबों और खासकर बुजुर्र्गो की मदद करते हैं। गिल कहते हैं कि वहां चैरिटी कल्चर ज्यादा है और ग्लोस्टर में आई बाढ़ के वक्त हमने वहां 1.80 मीलियन डॉलर चैरिटी से ही जुटाए थे। मैनें खुद कई पद यात्राएं की हैं इस काम के लिए।
लोकल बॉडी ज्यादा जवाबदेह :इंग्लैंड और इंडिया की लोकल बॉडी की फंक्शनिंग में पर वह बोले इंडिया का संविधान इंग्लैंड पर आधारित है लेकिन वहां जवाबदेही, जिम्मेदारी ज्यादा है और यहां कम है।
चेन ऑफ ऑफिस इज प्राइजलैस फॉर मी
हरजीत गिल के गले में पहना नेकलेस सबके लिए अट्रैक्शन का केंद्र रहा। जब नैक्लेस की बात हुई तो बोले यह नैक्लेस नहीं बल्कि चैन ऑफ ऑफिस है। यह नैक्लेस 527 साल पुराना है और इसका वजन डेढ़ किलो है।
गिल ने बताया कि यह मेरे लिए बहुमूल्य है और इसको पहनना मेरे लिए एक सम्मान की बात है। गिल ने बताया कि एक रोज पहले ही दिल्ली में ब्रिटिश हाई कमीशन में हुई डिनर पार्टी में इस नैक्लेस को देखकर कई महिलाएं मेरे पास र्आई और इसके बारे में पूछने लगीं।