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Railway Budget Railway Budget नई दिल्ली रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने लगातार अपने पांचवें बजट में लोकप्रियता और विकास का करिश्मा कर दिखाया। जहां लंबी दूरी की ट्रेनों में दूसरे दर्जे और वातानुकूलित दर्जे के किराए घटा दिए हैं, वहीं दस नए गरीब रथ, 53 नई ट्रेनों, ग्रेजुएशन तक पढ़ने वाली लड़कियों व 12वीं तक के छात्रों को मुफ्त मासिक सीजन टिकट के साथ ही रेलवे के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सालाना योजना की घोषणा उन्होंने रेल बजट 2008-09 में की है। इस साल भी माल भाड़े की दरों में इजाफा नहीं हुआ है।
हर श्रेणी के किराये सस्ते :
रेलमंत्री ने एसी-1 की यात्रा को 7 फीसदी और एसी-2 की यात्रा को चार फीसदी सस्ता बना दिया है। पचास रुपए तक के टिकट वाली साधारण श्रेणी की यात्रा को भी प्रति यात्री एक रुपए सस्ता कर दिया है। वरिष्ठ महिला नागरिक की यात्रा किराए में रियायत को 30 से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है। पुरुषों को 30 फीसदी रियायत मिलती रहेगी। लालू ने प्लेटफार्म और ट्रेनों की सफाई के अलावा टिकट खिड़की पर लंबी कतारों जैसी समस्याओं को दो सालों में खत्म करने का ऐलान किया है।
कैसे किया करिश्मा :
रेल मंत्री की रणनीति आसान दिखाई देती है। वे भाड़े को तर्कसंगत बना रहे हैं और माल ढुलाई बढ़ाना चाहते हैं। 2008-09 में उन्होंने 85 करोड़ टन माल ढोकर 52,700 करोड़ की कमाई करने का लक्ष्य रखा है। सालाना नियोजन बढ़ाकर 37,500 करोड़ किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा नियोजन है। इसमें से 21,126 करोड़ आंतरिक स्रोतों से जुटाए जाएंगे। प्रस्ताव है कि यात्री किराए और माल भाड़े से आमदनी में वे 12.6 फीसदी इजाफा करेंगे। ट्रैफिक से सकल आमदनी में 2007-08 में 16 फीसदी इजाफा हुआ है, जो लक्ष्य से ज्यादा है।
25000 करोड़ का मुनाफा :
उन्होंने रेलवे के पास 25,000 करोड़ रुपए के मुनाफे (कैश सरप्लस) और 76 फीसदी परिचालन अनुपात की घोषणा की। वह अगले सात सालों में बुनियादी ढांचा सुधारने के लिए 75,000 करोड़ खर्च करना चाहते हैं। रेलवे ने पार्सल, विज्ञापन, लैंड लीज से अच्छी आमदनी हासिल की है।
सुविधाओं पर जोर :
रेल मंत्री ने यात्री सुविधाओं पर काफी ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि यात्री घर बैठे कंप्यूटर, मोबाइल, या गली मोहल्ले में बने काउंटर से टिकट खरीद पाएंगे। जहां यूटीएस काउंटर की संख्या 15,000 की जाएगी, वहीं ऑटोमेटिक टिकट मशीनों की संख्या 6,000 की जा रही है। मुसाफिर ट्रेन में ही यह जान पाएंगे कि मंजिल पर ट्रेन कब पहुंचेगी। सीसीटीवी, मैटल डिटेक्टर :
रेल मंत्री ने प्रस्ताव रखा है कि टक्कर रोकने वाली तकनीक सभी ट्रेनों तक ले जाई जाएंगी। रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी और मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे। सभी 36,000 डिब्बों में ग्रीन टॉयलेट बनेंगे।
सुरक्षा उपाय
>> टक्कर रोकने के इलैक्ट्र्ॉनिक उपकरण, स्वचालित उपायों से सुरक्षा बढ़ाने की योजना।
>> रेल डिब्बों के निर्माण में अग्निरोधी सामग्री का उपयोग।
>> स्टेशनों पर क्लोज सर्किट टीवी व मैटल डिटेक्टरों की मदद से एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था।
समाज कल्याण
>> टक्कर रोकने के इलैक्ट्र्ॉनिक उपकरण, स्वचालित उपायों से सुरक्षा बढ़ाने की योजना।
>> रेल डिब्बों के निर्माण में अग्निरोधी सामग्री का उपयोग।
>> स्टेशनों पर क्लोज सर्किट टीवी व मैटल डिटेक्टरों की मदद से एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था।
>> अजा व अजजा वर्गो के आरक्षित व पूर्व में रिक्त पड़े पदों पर 99 फीसदी भर्ती।
>> रेलवे बोर्ड व जोनल स्तर पर अल्पसंख्यक कल्याण प्रकोष्ठ स्थापित करने का प्रस्ताव।
>> रेलवे के पंजीकृत कुलियों की गैंगमैन व समूह डी के पदों पर भरती होगी।
>> राजीव गांधी फाउंडेशन के सहयोग से प्रायोगिक स्तर पर मदर-चाइल्ड हैल्थ केयर एक्सप्रेस चलाई जाएगी।
यह पूरा बजट पक्षपातपूर्ण है। महिलाओं को रियायत का झुंझुना पकड़ाकर उनका उपहास किया गया है। रेलमंत्री ने भाजपा शासित राज्यों को कुछ भी न देकर उनके साथ भेदभाव किया है।
- सुषमा स्वराज, वरिष्ठ भाजपा नेता
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