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विवि व माशिमं में पूरी हुईं परीक्षाओं की तैयारी

भोपाल. बरकतउल्ला विवि ने इस बार परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और समय पर परिणाम घोषित करने के लिए कई व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। इसी कड़ी में इस बार कापियों को सील करके रोल नंबर को छिपाने की प्रक्रिया परीक्षा कक्ष में ही करवाने का फैसला लिया गया है। इससे बाद में इस प्रक्रिया पर लगने वाला पंद्रह दिनों का समय बचाया जा सकेगा। विवि की मुख्य परीक्षाएं एक मार्च से शुरू हो रही हैं।

जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस बार विश्वविद्यालय ने कापियों की कोडिंग परीक्षा कक्ष में करवाने का फैसला किया है। इसके लिए केंद्राध्यक्षों और वीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। अब हर विद्यार्थी की कापी के रोल नंबर वाले हिस्से को मोड़ कर पिन से सील करने का काम परीक्षा कक्ष में नियुक्त वीक्षक को ही करना होगा। अभी तक यह काम मूल्यांकन शुरू होने के पहले करवाया जाता था, जिसमें कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता था।

हालांकि विवि के इस फैसले में वीक्षक की ड्यूटी करने वाले शिक्षक वर्ग को परेशानी नजर आ रही है। दे तर्क दे रहे हैं कि एक कक्ष की सारी कापियां सील करने में अगली शिफ्ट की ड्यूटी का वक्त हो जाएगा और फिर कई कक्षों में अलग-अलग विषय के परीक्षार्थी होने से रिकार्ड रखने में भी दिक्कत आएगी।

परीक्षा के दौरान ही सील: विवि ने वीक्षकों को परेशानी से बचाने के लिए परीक्षा के दौरान ही कापियां सील करने को कहा है। इसके अनुसार छात्र द्वारा कापी पर सारी जानकारी भर लेने के बाद उसे जांचते समय ही वीक्षक उसे सील कर सकेंगे। इससे परीक्षा के बाद काम को अलग से समय नहीं देना होगा।

अलग से मानदेय भी: विवि ने इस काम के लिए वीक्षकों को अतिरिक्त मानदेय भी दिए जाने का फैसला किया है। कापी सील करने के लिए 30 पैसे प्रति कापी की दर से मानदेय दिया जाएगा।

तैयारियां पूरी: परीक्षाओं की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। अन्य जिलों के परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र और कापियां पहुंचाई जा चुकी हैं जबकि भोपाल के परीक्षा केंद्रों पर गुरूवार को कापियां भेजी जाएंगी। विवि ने इस बार शासकीय प्रेस से दस लाख कापियां छपवाईं हैं। 68 केंद्रों पर हो रही परीक्षाओं में सवा लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।

माशिमं की परीक्षा

मार्च के पहले हफ्ते से शुरू हो रही माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षाओं के लिए चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं। पिछले वर्ष बड़े पैमाने पर हुई गलतियों से सबक लेते हुए मंडल ने इस बार पहले से ही तैयारी पूरी कर ली है। प्रदेश के सभी जिलों के परीक्षा केंद्रों में 20 फरवरी को ही प्रश्न पत्र पहुंचा दिए गए। सुरक्षा की दृष्टि से प्रश्न पत्र के बंडलों को थाने में रखा गया है। इस बार हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षाओं में 10,88,070 विद्यार्थी शामिल होंगे। 10वीं के साढ़े छह लाख से अधिक और 12वीं के करीब चार लाख विद्यार्थी परीक्षा देंगे।

कैसे जाएंगे प्रश्न पत्र

जिस दिन परीक्षा है, उसी दिन सुबह थाने से प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र पहुंचाए जाएंगे। यह आवश्यक नहीं है कि थाने से प्रश्न पत्रों को चार पहिया वाहन पर ही लाया जाए। अगर थाने से परीक्षा केंद्र नजदीक है, तो पुलिस के साथ संबंधित केंद्र के जिम्मेदार कर्मचारी पैदल भी पेपर ले जा सकते हैं। ये लिफाफे में बंद रहेंगे और केंद्र में ही इसकी सील खुलेगी। परीक्षा का समय सुबह साढ़े आठ बजे से हैं। प्रश्न पत्रों का वितरण 15 मिनट पूर्व यानि सवा आठ बजे होगा, इसलिए प्रश्न पत्र को सुबह आठ बजे तक थाने से परीक्षा केंद्र में लाना होगा। पेपर किसी भी हालत में 15 मिनट पहले वितरित होना चाहिए।

उड़न दस्ते

परीक्षा के दौरान संबंधित जिले का कलेक्टर उड़न दस्ते बनाता है। जिला शिक्षा अधिकारी और लोक शिक्षण संचालनालय के उड़न दस्ते भी चैकिंग करते हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल भी कहीं भी चैकिंग के लिए उड़न दस्ते बनाकर भेज सकता है।





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