भोपाल. वित्तमंत्री द्वारा पेश राज्य के बजट को विरोधी दल जनविरोधी और चुनावी बजट मानते हैं। विपक्षी दलों का एतराज इस बात पर भी है कि सरकार ने जो बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थीं, उनके लिए बजट में धन का कोई प्रावधान नहीं किया गया। इसमें गरीबों, युवाओं, किसानों की उपेक्षा की गई है।
कांग्रेस विधायक तुलसी सिलावट ने बजट को किसानों के साथ छलावा करार देते हुए कहा कि सभी वर्ग इससे निराश और हताश हुए हैं। बदनावर के कांग्रेस विधायक राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव ने कहा कि बजट से सबसे ज्यादा निराशा किसानों को हुई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य मानक अग्रवाल ने कहा कि वित्तमंत्री ने ‘कर्ज लेकर घी पिओ और ऐश करो’ की तर्ज पर बजट पेश किया है। कांग्रेस के पूर्व सचिव राजीव सिंह ने भी बजट को जनविरोधी बताया है। कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने बजट को विकास विरोधी बताते हुए कहा कि इससे कोई वर्ग खुश नहीं है।
रोटी कपड़ा की चिंता नहीं
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव बादल सरोज ने कहा कि इस बजट में सरकार ने यह साफ कर दिया है उसे रोटी कपड़ा और मकान की कोई चिंता नहीं है।
भाकपा: भाकपा के राज्य सचिव महेंद्र वाजपेई ने कहा कि यह बजट चुनाव देख कर चेती सरकार का है न कि गरीबों, मेहनतकश किसानों, छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं की हमदर्द सरकार का।
भाजश: भारतीय जनशक्ति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र प्रधान, कोर कमेटी के संयोजक भगवान दास सबनानी, नरेंद्र बिरथरे ने बजट का विरोध करते हुए कहा कि सरकार ने चुनावी वैतरणी पार करने के लिए जनता को धोखा दिया है।