जयपुर. आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डर और घी व्यापारी के यहां सर्वे के दो अलग-अलग मामलों में 19 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया है। विभाग को बिल्डर ने 15 करोड़ रुपए की अघोषित आय समर्पित की है, वहीं घी निर्माता ने भी 4 करोड़ की आय सरेंडर की है।
सर्वे की यह कार्रवाई मुख्य आयकर आयुक्त एस.सी.कपिल, आयकर आयुक्त ( प्रथम) सुनील वर्मा एवं आयुक्त पुष्पलता के निर्देशन में की गई। संयुक्त आयकर आयुक्त राममोहन सिंह ने बताया कि बिल्डर के सिविल लाइंस राजभवन रोड, श्याम नगर, एवं महला अजमेर रोड पर स्थित कार्यालयों पर सर्वे की कार्रवाई मंगलवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई जो बुधवार देर रात तक जारी थी ।
सर्वे में मिले दस्तावेजों के आधार पर जमीन खरीदने में 15 करोड़ के अघोषित निवेश का पता लगा। बिल्डर ने इस आय को समर्पित कर दिया। एक अन्य मामले में आयकर विभाग ने देशी घी निर्माता के यहां आयकर सर्वे में 4 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया। घी निर्माता ने यह राशि कर के लिए समर्पित कर दी। विभाग को विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र स्थित देशी घी निर्माता के यहां आयकर में गड़बड़ी की सूचना मिली थी।
आयकर टीम ने मंगलवार रात शास्त्रीनगर स्थित कार्यालय, निवास और विश्वकर्मा में फैक्ट्री में सर्वे किया, जो कार्रवाई बुधवार को पूरी हुई। घी निर्माता के यहां 7 लाख रुपए नकद, 1.61 करोड़ रुपए के माल खरीद की बोगस रसीदें, 25 लाख की शेयर केपिटल के कागजात मिले। इसके अलावा बड़ी संख्या में देशी घी व क्रीम का स्टाक मिला। विभाग को चांदपोल में ऑफिस में निवेश का भी पता लगा जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं मिला। व्यापारी ने 4 करोड़ की आय कर के लिए समर्पित कर दी।