जयपुर.
जेडीए में ठेके पर कार्य कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटर न्यूनतम वेतन श्रंखला लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए। इससे यहां का सारा कामकाज ठप हो गया। नागरिक सेवा केंद्र से लेकर जनसुनवाई कार्यक्रम और जेडीए की तमाम शाखाओं में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ। सबसे ज्यादा असर विधानसभा प्रकोष्ठ में देखा गया।
संविदा कर्मचारी संघ, राजस्थान की जेडीए इकाई के अध्यक्ष विनोद शर्मा व महामंत्री प्रकाश गहलोत के नेतृत्व में कुछ कंप्यूटर ऑपरेटर अपनी मांगों को लेकर सुबह 11 बजे जेडीए आयुक्त डीबी गुप्ता को ज्ञापन देने गए थे, लेकिन गुप्ता ने उनसे मिलने से इंकार कर दिया। इससे कंप्यूटर ऑपरेटर नाराज हो गए और काम छोड़कर बाहर आ गए। उन्होंने पोर्च में एकत्र होकर आधे घंटे तक जमकर नारेबाजी की। बाद में लॉन में कंप्यूटर ऑपरेटरों ने सभा की।
सभा में मांगें पूरी नहीं होने तक काम का बहिष्कार जारी रखने का एलान किया गया। विनोद शर्मा ने बताया कि जेडीए में करीब सवा सौ ऑपरेटर ठेके पर काम कर रहे हैं। इनमें से अधिकतर को यहां काम करते हुए तीन से पांच वर्ष हो गए, लेकिन फिर भी वेतन नहीं बढ़ा। वेतन के रूप में सिर्फ 2000 से 2500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है।
जेडीए प्रशासन से पहले भी कई बार वेतन बढ़ाने, वार्षिक वेतन वृद्धि लाभ देने, सवैतनिक साप्ताहिक अवकाश व 240 कार्य दिवस काम कर चुके ऑपरेटरों को नियमित करने के बारे में मांग की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
यहां प्रभावित हुआ काम
जोन उपायुक्त-1 से लेकर 12 तक, सभी अतिरिक्त आयुक्तों के कार्यालय, रिंग रोड प्रोजेक्ट, विधानसभा प्रकोष्ठ, नागरिक सेवा केंद्र, जनसुनवाई कार्यक्रम, रिसेप्शन, स्टोर आदि कार्यालयों में कामकाज ठप हो गया।
उधर, जेडीए की अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) रेखा गुप्ता ने दावा किया है कि हड़ताल से कामकाज पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। उनका यह भी कहना है कि ये लोग ठेके पर लिए हुए हैं, जेडीए कर्मचारी नहीं हैं, ऐसे में इनकी मांगे पूरी करना आवश्यक नहीं है। हड़ताल जारी रही तो हम वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में सोचेंगे।