इंदौर.
गवर्नमेंट आर्ट्स एडं कॉमर्स कॉलेज (जीएसीसी) के स्टोर रूम में बुधवार शाम आग लग गई। पहले प्राचार्य व कर्मचारियों ने बुझाने की कोशिश की फिर फायर ब्रिगेड बुलाई जिसने करीब आधे घंटे में नियंत्रित किया। आग में छात्रों का रिकॉर्ड भी जला लेकिन मौके पर मौजूद प्राचार्य और जनभागीदारी के पूर्व अध्यक्ष इसे छिपाते रहे। जला रिकॉर्ड छात्रवृत्ति घोटाले से संबंधित माना जा रहा है।
बुधवार शाम 5.45 बजे कॉलेज की लाइब्रेरी के ठीक ऊपर कमरा नंबर 44 बी में आग लगी। चौकीदार भंवरसिंह ने प्राचार्य और कर्मचारियों को सूचना दी तो भगदड़ मच गई। पहले 8-10 कर्मचारियों के साथ बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश की। फिर फायर ब्रिगेड को फोन किया जो करीब 20 मिनट बाद पहुंची और एक टैंकर पानी डालकर आधे घंटे में आग बुझाई। इसी बीच अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा डॉ. एन.के. दाड़ भी कॉलेज पहुंच गए।
प्राचार्य अशोक वाजपेयी व जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रहे नरेंद्र सिरोहिया ने बताया आग स्टोर रूम में लगी जिसमें टूटा-फूटा फर्नीचर रखा था, कोई रिकॉर्ड नहीं था। ‘भास्कर’ संवाददाता ने मौके पर देखा फर्नीचर नाममात्र का और बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड। अधजले परीक्षा फॉर्म व मार्कशीट वहां देखी गई जिनमें 1999-2000 लिखा था। इस पर प्राचार्य ने कहा रिकॉर्ड 10 साल पुराना था। आग संभवत: शार्ट सर्किट से लगी और नुकसान का अंदाजा लगा रहे हैं।
छात्रवृत्ति घोटाले की जांच अधिकारी को था अंदेशा
जनभागीदारी समिति के पूर्व अध्यक्ष बाबूसिंह रघुवंशी ने कहा आग जानबूझकर लगाई गई है। पहले भी ऐसा हुआ है। 2004-05 में के दौरान एक साल में 20 लाख रुपए का छात्रवृत्ति घोटाला उजागर हुआ था। पिछले वर्र्षो को देखा जाता तो रकम काफी ज्यादा होती। उसकी जांच अधिकारी निर्मला मिश्रा ने अतिरिक्त संचालक को पत्र लिखकर रिकॉर्ड जलने का अंदेशा जताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा था यहां रिकॉर्ड में कभी भी आग लग सकती है। बीते सालों के रिकॉर्ड की जांच हो तो पूर्व प्राचार्र्यो व छात्र नेताओं सहित कई नामी हस्तियां फंस सकती हैं।