अजमेर. नॉन फील्ड पोस्टिंग आदेश के बावजूद इंस्पेक्टरों को थानों का कार्यभार सौंपने का मामला अब पुलिस मुख्यालय पहुंच गया है। तत्कालीन आइजी हेमंत पुरोहित ने जनवरी में पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे 12 निरीक्षकों को जिले आवंटित किए थे।
इनमें से संजयकुमार आर्य, भोपालसिंह भाटी, हनुमंतसिंह , चेतना भाटी और रामचंद्र को अजमेर जिला दिया गया था। नॉन फील्ड पोस्टिंग आदेश के बावजूद एसपी आनंद श्रीवास्तव ने भोपालसिंह को दरगाह, रामचंद्र को किशनगढ़ और हनुमंतसिंह को आदर्शनगर थाने में तैनात कर दिया। इससे सीनियर अफसरों में असंतोष व्याप्त है। आदेश के उल्लंघन के मामले में पुलिस मुख्यालय ने आइजी से जानकारी मांगी। इस दौरान पुरोहित का स्थानांतरण हो गया।
उधर एसपी आनंद श्रीवास्तव ने दूसरे जिलों में फ्रेश इंस्पेक्टरों की तैनाती को आधार बनाते हुए अजमेर में की गई पोस्टिंग को जायज ठहराया। उन्होंने मुख्यालय से फ्रेश इंस्पेक्टरों की पोस्टिंग के लिए अनुमति मांगी है। पोस्टिंग में विवाद से दरगाह, आदर्शनगर और किशनगढ़ थाना प्रभारी पसोपेश में हैं।
मालूम हो कि जनवरी में 12 इंस्पेक्टर दूसरीे रेंज से स्थानांतरित होकर अजमेर आए थे। आदेश के मुताबिक, पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे इंस्पेक्टर रामकरण वर्मा को भीलवाड़ा, दलपतसिंह को नागौर, राजीव परिहार को नागौर, आईदानाराम को टोंक, गोपाललाल को टोंक, मोहनसिंह को भीलवाड़ा, दशरथसिंह को टोंक, संजयकुमार आर्य, भोपालसिंह भाटी , हनुमंतसिंह, चेतना भाटी और रामचंद्र को अजमेर स्थानांतरित किया गया था।
‘नॉन फील्ड पोस्टिंग आदेश के बावजूद इंस्पेक्टर भोपालसिंह, हनुमंतसिंह और रामचंद्र को थानों पर जरूरत के कारण लगाया गया था, दूसरे जिलों में भी फ्रेश अफसर फील्ड में लगाए गए हैं। मुख्यालय से फ्रेश अफसरों की पोस्टिंग की अनुमति मांगी है। फिलहाल अनुमति नहीं मिली है।
- आनंद श्रीवास्तव, एसपी