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Chhattisgarh
Raipur Raipur बैकुंठपुर (कोरिया. डकैती के दौरान कबाड़ व्यवसायी शमीम अहमद के दो बच्चों समेत पांच की हत्या करने वाले दो आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बुधवार को फांसी की सजा सुनाई। हत्याकांड के तीन अन्य आरोपी फरार हैं।
डकैतों ने गत 26 नवंबर 2004 की रात बैकुंठपुर-चिरमिरी मार्ग पर ग्राम चेर में रहने वाले शमीम अहमद के घर धावा बोला था। घर में पति-पत्नी के अलावा छह बच्चे और चिरमिरी निवासी नौकर असगर अली भी रहता था। डकैतों ने काफी दिन से व्यवसायी पर नजर रखी थी। वारदात के कुछ घंटे पहले शाम 5 बजे आरोपी छोटू उर्फ सोनू सरदार और उसके साथी साइकिल पर शमीम के घर आए और कबाड़ बेचकर बैकुंठपुर लौट गए। रात 9 बजे सोनू अपने भाई अजय सिंह उर्फ फोटो, मंगल सिंह, तुकाराम और जंग सिंह के साथ हथियार लेकर आ धमका। आरोपियों ने घर में जमकर लूटपाट की।
डेढ़ लाख रुपए नगद लूटने के बाद डकैतों ने शमीम (35), उसकी पत्नी रुखसाना (33), पुत्र याकूब (9), पुत्री राना (8) व असगर अली (33) की हत्या कर दी। घटना के दौरान घर के अंदर के कमरे में तीन बच्चे आशिया (5), आशना (5) व मो. याकूत (3) सो रहे थे। उनकी जान बच गई। वारदात की इकलौती गवाह शमीम की बड़ी बेटी शबाना (11) थी, जो घर से निकलने में सफल हो गई। बुरी तरह से डर गई शबाना रात भर झाड़ियों में छिपी रही और सुबह उसने पड़ोसियों को वारदात की सूचना दी।
पुलिस ने घटना के 72 घंटे के अंदर दोनों मुख्य आरोपियों सोनू और अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बाकी तीनों आरोपियों तुकाराम, मंगल सिंह और जंग सिंह अब तक फरार हैं। पुलिस ने तुकाराम की मां छोटी बाई को लूट की राशि समेत खड़गवां की एक बस में गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी शहडोल जिले के अमलाई इलाके के हैं और डोमनहिल में रहते थे।
जांच के बाद मामले का अभियोग पत्र गत 26 फरवरी 2005 को अदालत में पेश किया गया था। शमीम के बच्चे अपने मामा सरफराज के पास उप्र के देवरिया जिले में रह रहे हैं। हत्याकांड की सुनवाई के दौरान बुधवार को अदालत में भारी गहमागहमी थी। परिसर में पुलिस बल तैनात था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके पंडा ने सोनू और अजय सिंह को फांसी की सजा दी। उनका साथ देने वाली महिला छोटी बाई को सात साल सजा और दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत के फैसले के बाद शमीम के बड़े भाई नसीम अहमद ने कहा कि देर से सही अदालत से हमें न्याय मिला है।