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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. बिजली के मामले में ग्राम स्पर्श अभियान के लिए तैनात नोडल अधिकारियों का फीड बैक अच्छा नहीं कहा जा सकता है। अकेले घाटीगांव क्षेत्र में ही बहुत से ऐसे गांव चिह्न्ति किए गए हैं जहां कई सालों से अंधेरा कायम है। अधिकारियों से मिले फीडबैक के आधार पर ही जिला पंचायत सीईओ विनोद शर्मा ने मुख्य अभियंता बिजली कम्पनी जीएस कलसी को पत्र लिखा है।
इस माह जिले के सभी विकास खण्डों में अलग-अलग तिथियों में ग्राम स्पर्श अभियान चलाया गया। इसके बाद नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें भी की गईं। पिछले सप्ताह घाटीगांव ब्लाक के नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक में 10 गांवों में विद्युत की अस्त-व्यस्त सप्लाई को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इन सभी गांवों में बिजली के तार वर्षो पहले से कटे हुए हैं। चूंकि गांव विद्युतीकृत हैं, इसलिए इनमें बिजली को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। बैठक में कुछ गांवों में शिडच्यूल के मुताबिक विद्युत सप्लाई न होने व कम वोल्टेज मिलने की भी शिकायतें नोडल अधिकारियों ने ग्रामीणों के हवाले से कीं।
रिपोर्ट में भी कम सप्लाई का खुलासा
कलेक्टर कार्यालय में दैनिक पहुंचने वाली विद्युत सप्लाई रिपोर्ट के अनुसार संभागीय मुख्यालय पर 21 घंटे 40 मिनट, जिला मुख्यालय पर 19 घंटे 35 मिनट, तहसील मुख्यालय पर 18 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्र में 11 घंटे 20 मिनट (सिंगल फेस-3 घंटे व थ्री फेस 8 घंटे 20 मिनट) सप्लाई हो रही है। इस रिपोर्ट में मोहना के ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे तक विद्युत सप्लाई न होने की बात स्वीकार की गई है।