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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. महाराज बाड़े पर नकली नोट चलाते पकड़ी गई महिला ग्वालियर में नकली नोट चलाने का टेस्ट दे रही थी। जिस समय वह टेस्ट दे रही थी, उसके साथ पप्पू यादव नामक एक व्यक्ति भी था लेकिन इसके पकड़े जाते ही वह भाग निकला। पुलिस पप्पू यादव को तलाश कर रही है। पुलिस ने महिला को पूछताछ के लिए एक दिन की रिमाण्ड पर लिया है।
उल्लेखनीय है कि महाराज बाड़ा पर कुछ दुकानदारों ने एक महिला को नकली नोट चलाते पकड़ा था और महाराजबाड़ा पुलिस चौकी के हवाले कर दिया था। पुलिस ने इस महिला की तलाशी करवाई तो इसके पास से पांच-पांच सौ रुपए के दो नकली नोट और एक चाकू मिला। महिला ने अपना नाम सरोजनी सोरेन निवासी साहिबगंज, झारखंड बताया। इसने बताया कि वह इटावा में अपने जेठ के घर आई थी।
बुधवार को पुलिस ने इटावा में होटल चलाने वाले धर्मेन्द्र यादव नामक उस व्यक्ति को भी बुलवा लिया जिसके द्वारा रुपए दिए जाने की बात सरोजनी ने पुलिस को बताई थी। पूछताछ के दौरान धर्मेन्द्र इस बात से साफ इनकार कर गया कि उसने सरोजनी को रुपए दिए थे। इतना जरूर बताया कि वह इटावा में उसके होटल में रुकी जरूर थी।
सरोजनी और धर्मेन्द्र का सामना कराए जाने के बाद सरोजनी ने एक नई कहानी पुलिस को सुना दी। बकौल टीआई कोतवाली आत्माराम शर्मा उसने बताया कि वह पप्पू यादव नामक व्यक्ति के साथ ग्वालियर आई थी। यहां पप्पू ने उसे पांच-पांच सौ रुपए के दो नोट दिए और कहा कि वह इन नोटों को चला आई तो परीक्षा में पास हो जाएगी और वह उसे अच्छा काम दिलाएगा। इस लालच में वह नोट चलाने के लिए बाड़े गई। जिस समय वह नोट चलाते हुृए पकड़ी गई पप्पू यादव भी उसके साथ था। उसके पकड़ते ही वह बाड़े से भाग निकला। पुलिस ने सरोजनी को एक दिन की रिमाण्ड पर लिया है।
पप्पू यादव कौन पप्पू यादव के बारे में सरोजनी ने बताया कि वह झारखंड में रहकर गिट्टी निकालने का काम करता है। उसके साथ एक और महिला रहती है। उसके साथ भी वह कई दिन तक साहिबगंज से बाहर रहता था। पप्पू यादव के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी देने से महिला बचती रही।