कोटा. वरिष्ठ कर सलाहकार एम. एल. पाटोदी ने कहा कि अब सरकार जीएसटी लाने की तैयारी कर रही है। वर्ष 2010 में सरकार नया कर ढांचा लागू करेगी, तब व्यापारी एवं उद्यमी वैट को भूल जाएंगे। पाटोदी बुधवार को रोटरी क्लब और कोटा व्यापार महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य बजट के प्रावधानों की विवेचना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समय जीएसटी को लेकर एम्पावर्ड कमेटियों की बैठकें हो रही हैं।
पहली अप्रैल 2010 से यह नया एक्ट लागू हो जाएगा। राज्य में पहली मई से चैक पोस्ट समाप्त हो जाएंगी। इसके बाद व्यापारियों और उद्यमियों को राज्य के बाहर से माल मंगाने पर वैट फार्म 47 और बाहर भेजने पर वैट फार्म 49 लगाना पड़ेगा। उन्होंने कोटा स्टोन पर 4 प्रतिशत टै्रक्स लागू करना उद्यमियों के लिए फायदेमंद कदम है। उन्होंने बताया कि इस बजट में सिल्क फेब्रिक्स के डीलरों पर 4 प्रतिशत कर लगाया गया है।
वे चाहें तो वर्ष 2006-07 एवं 07-08 में कंपोजीशन में जा सकते हैं। बजट में सभी बड़ी परेशानी वैट फार्म 7 एवं 9 को लेकर है। फार्म 9 को फार्म 8 में शामिल कर दिया गया है। इसमें शिड्यूल नंबर और एंट्री नंबर देना होगा। कर सलाहकार वी. के. जैन ने कहा कि वैट फार्म 47 और वैट फार्म 49 को लेकर समस्या आएगी। रोटरी क्लब अध्यक्ष अनिल मूंदड़ा ने स्वागत भाषण दिया।
इस मौके पर क्लब के सचिव सुरेश जैन, प्रांतपाल सीएम बिरला, एसएसआई के सचिव एस. के. जैन एवं सीए पवन लालपुरिया सहित अनेक व्यापारी एवं क्लब सदस्य मौजूद थे।
सरकार को ऐसे फार्म के लिए कुछ राशि की सीमा तय कर देनी चाहिए।’
—अशोक माहेश्वरी, महासचिव कोटा व्यापार महासंघ
कोटा स्टोन को भी शिड्यूल-1 में शामिल किया जाए ताकि इसका लाभ मिल सके।’
—गोविन्दराम मित्तल, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
हमें सरकार ने कहा था कि वैट लागू होने के बाद कर की दर समान हो जाएगी। यह अब तक नहीं हुआ।
—गिरिराज न्याती, संभागीय मंत्री फोर्टी
विरोध जताएंगे व्यापारी
कोटा व्यापार महासंघ वैट फार्म 47 व 49 और व्यावसायिक कर का विरोध करेगा। यह निर्णय बुधवार को राज्य बजट और व्यावसायिक कर पर रोटरी क्लब और कोटा व्यापार महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमिनार के बाद एक बैठक में किया गया। महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन ने बताया कि वैट फार्म 47 व 49 को लेकर राज्य सरकार को फैक्स भेजा जाएगा।
राज्य सरकार से सेंड स्टोन पर 4 प्रतिशत टैक्स और गुड़ को टैक्स फ्री करने की मांग की जाएगी। अन्य राज्यों में यह टैक्स फ्री है। उन्होंने नगर निगम द्वारा प्रस्तावित व्यावसायिक कर का विरोध करते हुए कहा इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए निगम पर दबाव बनाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो इसके लिए आंदोलन भी करेंगे।