अहमदाबाद. सेना के एक रिटायर्ड मेजर ओंकारनाथ उर्फ पंडितजी काक को मादक पदार्थ की तस्करी के एक मामले में एडीशनल सेशन जज वी.वाई. देसाई ने फांसी की सजा सुनाई है। गुजरात में एनडीपीए कानून के तहत फांसी की ये पहली सजा है। 76 वर्षीय ओंकारनाथ चरस तस्करी के एक अन्य मामले में पहले भी दस साल की सजा काट चुका है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 17 सितंबर, 2003 को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन (कालूपुर) पर छापा मारकर काक सहित 4 लोगों को 29 किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया था। बाद में इनकी निशानदेही पर एक अन्य स्थान से 19 किलो से अधिक चरस बरामद की गई थी। मामले में 9 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर हुए थे।