लंदन. क्या आपको पता है कि फ्रूट फ्लेवर ड्रिंक्स में फ्रूट्स की मात्रा बहुत कम पाई गई है। लंदन में कराए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई है। डेली टेलीग्राफ में सोमवार को छपी एक खबर के अनुसार स्ट्रॉबेरी के फ्लेवर ड्रिंक्स, जैली और अन्य स्नैक्स की पड़ताल करने पर यह बात सामने आई कि 40 फीसदी से कुछ अधिक प्रोडक्टों में ही कोई फल मौजूद था। फूड कमिशन कैंपेन गुप ने स्ट्रॉबेरी प्रोडक्ट्स पर यह सर्वे किया। उन्होंने पाया कि 28 प्रोडक्टों में से केवल 11 में ही स्ट्रॉबेरी थी। इनमें से 5 प्रोडक्टों में 1 फीसदी से भी कम रियल स्ट्रॉबेरी मौजूद थी।
सर्वे के दौरान 2700 ऐसे फ्लेवर्स मिले जिनमें कोई न कोई फल होने की बात कही थी। लेकिन मेनुफैक्चर्स ने पैकेटों पर यह जिक्र नहीं किया कि यह फ्लेवर किस फल का है। साथ ही यह भी नहीं बताया गया कि ये प्राकृतिक थे या आर्टिफिशियल।
फूड कमिशन ने कहा कि मेनुफैक्चरर्स को अपने पैकेटों पर फ्लेवर्स के नाम लिखना चाहिए। कमिशन के प्रवक्ता ने बताया कि यह स्टडी केवल स्ट्राबेरी फ्लेवर्ड प्रोडक्टों पर ही की गई लेकिन इसके परिणाम अन्य फ्लेवर्ड पदार्थों और ड्रिंक्स पर भी लागू होंगे। उन्होंने कहा कि पैकेट पर लिखा हुआ होता है कि यह प्रोडक्ट स्ट्राबेरी फ्लेबर से बना हुआ है। उस पर स्ट्रॉबेरी के चित्र भी बने हुए होते हैं लेकिन इसमें फल का बहुत छोटा ही अंश मौजूद होता है। यह बहकाने वाला और भ्रम में डालने वाला काम है। दुर्भाग्य से यह कानूनी भी है और बहुत ज्यादा फैला हुआ भी।