नई दिल्ली. विवादों में घिर गई सेतुसमुद्रम परियोजना पर केंद्रीय कैबिनेट ने हलफनामे का अंतिम मसौदा तैयार कर लिया है जिसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाना है।
राजनीतिक मामलों को देखने वाली कैबिनेट समिति ने इस परियोजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पेश किए जाने के लिए अंतिम मसौदा तैयार कर लिया है और इसे जल्द ही शीर्ष अदालत में दाखिल किया जा सकता है। गौरतलब है कि भाजपा और अन्य हिंदूवादी संगठन इस परियोजना का भारी विरोध कर रहे हैं।
समिति द्वारा 90 पेजों का हलफनामा पारित कर दिया गया है लेकिन इससे पहले परियोजना को लेकर सरकार में भी मतभेद सामने आ चुका था। संस्कृति मंत्रालय ने कहा था कि रामसेतु मानवनिर्मित है या प्राकृतिक, इस बारे में कोई अध्ययन नहीं हुआ है। जबकि शिपिंग मंत्रालय का कहना था कि यह सेतु प्राकृतिक है।
हिंदू मान्यताओं के हिसाब से भारत से श्रीलंका के बीच यह सेतु भगवान राम ने बनवाया था। हलफनामे का मंजूरी देने वाली समिति के अध्यक्ष थे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और इसमें विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी, ऊर्जा मंत्री सुशीलकुमार शिंदे, संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी, विधि मंत्री हंसराज भारद्वाज और जहाजरानी मंत्री टीआर बालू शामिल थे।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी को सरकार को हलफनामा दायर करने के लिए चार हफ्तों का समय और दिया था।
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