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Bollywood Bollywood पणजी. बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना.. यह कहावत संजय दत्त और मान्यता की शादी में चरितार्थ हो रही है क्योंकि इस शादी में सरकारी अफसरों ने नियमों को ताक पर रख दिया। संजू और मान्यता ने आज कोर्ट मैरिज का घोषणापत्र वापस लेने की अर्जी तो दायर कर दी लेकिन गोवा प्रशासन वरिष्ठ अधिकारी पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
गोवा प्रशासन जांच कर रहा है कि कैसे एक वरिष्ठ अधिकारी इस तरह के गलत दस्तावेज स्वीकार कर सकता है।
दूसरी तरफ इस शादी में भारी फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। संजू और मान्यता के दस्तावेजों की जांच के बाद पता चला है कि संजू और मान्यता दोनों ने ही अपने तलाक की डिक्री उप पंजीयक के सामने प्रस्तुत नहीं की जो कि पुर्तगाली कानून के मुताबिक शादी का घोषणापत्र स्वीकार किए जाने से पहले अनिवार्य दस्तावेज है।
सूत्रों ने बताया कि छह फरवरी को मुंबई में परिवार अदालत के प्रधान जज एवी निगूड़े ने संजय और रिया दत्त की तलाक याचिका पर छह फरवरी को हस्ताक्षर किए थे। इसके एक दिन बाद ही संजय और मान्यता ने गोवा में शादी का घोषणा पत्र फाइल कर दिया।
गोवा के राज्य कानून विभाग के अफसरों का कहना है कि यह आदेशित है कि तलाक डिक्री ली जाए। मान्यता के साथ शादी के घोषणा पत्र के साथ दत्त को वास्तविक डिक्री प्रस्तुत करना थी।
इस पूरे मामले की जांच कर रहे जिला रजिस्ट्रार पीएस बोरको ने विधि विभाग को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दत्त ने रोजनामा प्रस्तुत जरूर किया है लेकिन इस पर जज के हस्ताक्षर नहीं हैं और यह राजपत्रित अधिकारी द्वारा सत्यापित भी नहीं है।
बोरको की रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान हालात के हिसाब से संजू और मान्यता के मामले में कोई निर्णय या आदेश नहीं दिया गया है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों के पूर्व संबंधों में तलाक की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या नहीं।
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