मुंबई. उत्तर भारतीयों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने वाले मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर राज्य सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों को हटाने के निर्देश अदालत ने दे दिए हैं लेकिन इस पर अमल शुक्रवार शाम पांच बजे से हो सकेगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने राज पर प्रेस कॉंफ्रेंस करने, रैली या बयानबाजी करने पर रोक लगाई थी। इस महीने के पहले पखवाड़े में उनके उकसाऊ बयानों के कारण पूरे महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा हुई थी और शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था।
सत्र न्यायालय ने गुरुवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि धारा 144 के तहत राज्य सरकार और पुलिस को अधिकार है कि वह किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाए लेकिन यह आपात स्थिति में ही लागू होती है। सरकारी वकील ठीक से साबित नहीं कर पाए कि अब भी राज पर पाबंदी लगाए जाने की जरूरत है।
25 फरवरी तक राज पर पाबंदी थी और कोर्ट ने 25 फरवरी को कहा था कि सरकार शांति व कानून व्यवस्था को बहाल रखने के लिए चाहे तो राज पर पाबंदी की मीयाद बढ़ा सकती है। लेकिन आज कोर्ट ने राज की अपील सुनी और सरकारी वकील की दलीलों से संतुष्ट न होते हुए राज पर लगी पाबंदी हटाने का आदेश दिया। हालांकि उन्होंने सरकारी वकील की मांग पर यह पाबंदी हटाने के लिए कल तक का वक्त दे दिया।