वाशिंगटन. सभी जानते हैं कि धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है लेकिन अमेरिकी अनुसंधानकर्ताओं ने एक अध्ययन द्वारा यह पता लगाने में कामयाबी हासिल की है कि सिगरेट के धुंए में मौजूद ‘हाइड्रोजन पैरोक्साइड’ रसायन ही फे फड़ों के कैंसर का कारण होता है।
डेविस स्थित ‘कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय’ का यह अध्ययन तंबाकू उद्याोग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसके आधार पर तंबाकू से इस रसायन को दूर कर सुरक्षित सिगरेट बनाने की पहल की जा सकती है।
‘फेडरेशन आफ अमेरिकन सोसाएटीज फार एक्सपेरिमेंटल बायोलॉजी’ (एफएएसईबी) की पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार अनुसंधानकर्ता जिपोरा गोल्डकॅान और उनके सहयोगियों ने मनुष्य के फेफड़ों की कोशिकाओं को सिगरेट के धुंए और ‘हाइड्रोजन पैरोक्साइड’ रसायन के संपर्क में रखा।
अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि सिगरेट के धुंए और ‘हाइड्रोजन पैरोक्साइड’ के संपर्क में रहने वाली कोशिकाओं में समान रूप से कैंसर कोशिकाओं के विकास के लक्षण दिखाई दिए।
पत्रिका के संपादक गेराल्ड वेसमैन्न के अनुसार, ‘‘यह अध्ययन न केवल इस खास रसायन के घातक प्रभाव की जानकारी देता है ब्लकि कैंसर के इलाज को बेहतर और कारगर बनाने में भी सहायक साबित होगा।’’