इंदौर. क्रिस्टल आईटी पार्क बना रही कंपनी नागाजरुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम धीमा करने के कारण हटाने के बाद नया ठेकेदार नहीं मिल रहा है। औद्योगिक केंद्र विकास निगम (एकेवीएन) ने चौथी बार टेंडर बुलाए तो तीन कंपनियों ने प्रस्ताव दिए। उन्हें देखकर अधिकारी मौन हैं। तीनों कंपनियों के नाम भी छुपाए जा रहे है।
मई 2003 में नागाजरुन कंपनी ने काम शुरू किया था। चार साल बाद भी पूरा नहीं हुआ तो ठेका निरस्त कर दिया गया। बाद में तीन बार टेंडर बुलाए लेकिन दरों व अन्य कारणों से मंजूर नहीं हो पाए। चौथी बार टेंडर बुलाए तो तीन कंपनियों ने ही रुचि ली। जिस तरह के रेट्स उन्होंने दिए हैं उसे देखकर लगता है टेंडर पास नहीं हो पाएंगे। कार्यपालन यंत्री अरुण शर्मा का कहना है अब जो भी कंपनी काम लेगी वह नए मूल्य पर करेगी। पिछले और नए रेट्स की बची राशि नागाजरुन कंस्ट्रक्शन से वसूली जाएगी।
कम मुनाफे के कारण
आईटी पार्क में सिविल और इलेक्ट्रिक कार्य बचे हैं। इनमें कम मुनाफा होने से कंपनियां ऐसे रेट्स डाल रही हैं जो एकेवीएन द्वारा तय किए रेट्स से कहीं ज्यादा है।