देवबंद . इस्लामिक संस्था दारुल उलूम देवबंद ने फिल्मों में मुसलमानों के काम करने को नाजायज और हराम घोषित किया है। वीरवार को यहां इंटरनैट पर जारी फतवे में कहा गया है कि इस्लाम धर्म में पैसे लेकर नाचना, गाना, फोटो ¨खचाना, फिल्मों में अदाकारी करना, बेशर्मी को जायज नहीं माना गया है।
मुफ्तियों के अनुसार, बहुत जरूरी होने पर एवं मजबूरी में ही फोटो ¨खचाने की गुंजाइश है, जैसे- फोटो पहचान पत्र या पासपोर्ट एवं परीक्षा फार्म आदि। फतवा जारी करने वालों में मौलाना जफीरद्दीन, मौलाना हबीबुर्रहमान एवं मुफ्ती महमूद शामिल हैं।
यदि फतवे को मुसलमान मानते हैं तो आमिर, सलमान, शाहरुख, सैफ और तब्बू आदि का फिल्मी कैरियर खत्म हो जाएगा।
दारूल उलूम के अशरफ उस्मानी ने कहा कि फतवों को मानना जरूरी नहीं, ऐसे फतवे कई बार जारी हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में संस्था की कोशिश रहेगी कि शरई महत्व के अहम फतवों को छोड़कर फालतू एवं गैर जरूरी सवालों पर फतवा जारी करने में सावधानी बरती जाए।