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पीने के पानी में सड़ रहे हैं मुर्दे

डबरा. gस्थिति सचमुच बहुत भयावह है। डबरा के नागरिक शायद नहीं जानते कि जो पानी वह पी रहे हैं वो उस इनटेकवेल से आ रहा है जहां मुर्दे सड़ रहे हैं। इसके लिए दोषी कौन? यह अलग मामला है पर सच्चई यह है कि दूषित पानी के कारण डबरा में किसी भी समय महामारी फैल सकती है। अधिकृत सूत्रों के अनुसार डबरा में कुल वैध-अवैध कनेक्शनों की संख्या 7 हजार पांच सौ के आसपास है। जिससे कस्बे की करीब 40 हजार जनता को पेयजल की सप्लाई इसी इनटेकवेल से की जाती है।

बताना मुनासिब होगा कि डबरा से तीन किलोमीटर दूर सिंध नदी स्थित इनटेकवेल के पास नदी में इतना भी पानी नहीं बचा है कि वह नगर की टंकी को एक समय भी पूर्ण रूप से भर सके। इसलिए इनटेकवेल के पास नगरपालिका ने पानी एकत्रित करने के लिए गड्ढा खोदा है, लेकिन उसमें आसपास के ग्रामीण, मुर्दो का जलदाग कर रहे हैं। पानी कम होने के कारण मुर्दे फूलकर ऊपर आ जाते हैं, जिन्हें कुत्ते चीथते रहते हैं। इन सबको नजरअंदाज करके सड़ी-गली लाशों से प्रदूषित हुआ पानी नगर के लोगों को पीने के लिए सप्लाई किया जा रहा है।

नगरपालिका द्वारा पेयजल संकट एवं नदी में कम पानी को देखते हुए इनटेकवेल के पास 40 फीट लंबा, 25 फीट चौड़ा व करीब 25 फीट गहरा एक गड्ढा खुदवाया गया था, ताकि नदी में से गुजर रही धार का पानी उक्त गड्ढे में भर सके। फिर मोटर द्वारा उक्त पानी को खींचकर डबरा नगर में स्थित टंकी में डाला जाता है। जिससे पेयजल आपूर्ति की जाती है। इस प्रयास के बावजूद टंकी पर्याप्त नहीं भर पाती है, लेकिन आसपास के गांव वाले कुछ दिनों से मुर्दो को लाकर उक्त गड्ढे में जलदाग कर जाते हैं, क्योंकि अब ज्यादा पानी उन्हें नदी के इसी क्षेत्र में नजर आता है। इन लाशों से गड्ढे में भरा पानी दूषित हो रहा है, वही पानी नगर में सप्लाई किया जा रहा है।

गुजरे मंगलवार को दोपहर में सिंध नदी किनारे बसे एक गांव में एक युवक की मौत हो गई। ग्रामीण उसके शव को लाकर गड्ढे में उसका जलदाग कर गए। काफी देर तक मृतक का शव पानी में ऊपर तैरता नजर आया। जिसे जंगली जानवर आधा खा गए, उक्त शव को जल में डालने के बाद मृतक के परिजन अपने गांव लौट गए और दूसरी ओर जंगली जानवर शव को चीथने में जुट गए। जब भास्कर संवाददाता ने इस स्थान का निरीक्षण किया तो नदी किनारे कई नर कंकाल पड़े नजर आए, वहीं कुछ खोपड़ियां सूखी रेत में पड़ी हुई थीं, जहां नदी में पानी नहीं था।

जनता की आवाज

जिस पानी को डबरा की जनता हर रोज पी रही है उस पानी में शव पड़े हुए हैं और सड़ रहे हैं, जिससे लोग बीमार हो सकते हैं। नगरपालिका को तत्काल इस बारे में ठोस कदम उठाना चाहिए अन्यथा गंदे पानी से लोग बीमार होंगे।

कमल मोदी, संचालक मोदी मोटर्स डबरा

चौकीदार भी नहीं पीते नदी का पानी

सिंध नदी इनटेकवेल पर पदस्थ चौकीदार भी नदी का पानी नहीं पीते बल्कि डबरा से पानी की बोतल भर कर ले जाते हैं। इस बारे में यहां के चौकीदार छत्तासिंह ने बताया कि कई बार मना करने के बाद भी आसपास के ग्रामीण शवों का जलदाग यहां कर जाते हैं और बाद में कुत्ते शवों को नदी से बाहर खींच लाते हैं। बकौल छत्तासिंह, एक वर्ष पूर्व भी कोई एक महिला की लाश बोरे में बंद कर नदी में डाल गया था। बाद में डबरा से स्वीपर बुलाए गए, लेकिन उन्होंने लाश को निकालने से मना कर दिया था, क्योंकि मामला हत्या का लगता था और फिर डबरा तथा गोराघाट थाना पुलिस के बीच सीमा को लेकर विवाद चला। चौकीदार ने बताया कि पिछले गुरुवार को भी ग्रामीण नदी में लाश का जलदाग कर गए थे और मंगलवार को भी एक शव का जलदाग किया गया। यहां पदस्थ चार चौकीदारों में से कोई भी नदी का पानी नहीं पीता है।





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