bhaskar Web English
HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

अब आमेर महल में सजेंगी तोपें

जयपुर. आर्कियोलॉजी एंड म्यूजियम डिपार्टमेंट ने देर से ही सही, लेकिन खस्ता हाल धरोहर को सहेजने का बीड़ा उठाया है। संरक्षण के बाद स्टोर में रखी कलात्मक वस्तुओं को डिस्प्ले किया जा रहा है।

इस क्रम में पिछले दिनों 18वीं शताब्दी में महाराजा माधोसिंह- द्वितीय के जमाने में नाहरगढ़ में रखी दो तोपों को आमेर महल में पहुंचाया गया है। ये खस्ताहाल तोपें स्टोर और नाहरगढ़ पड़ाव पर पड़ी हुई थीं। इन तोपों की मरम्मत का जिम्मा लेने वाले खानदानी जानकार आबिद सगीर ने बताया कि दोनो तोपों के पहिए और तोपों के रखने वाले चरख को फिर से बनाया जाएगा।

पुरातत्व व संग्रहालय विभाग के निदेशक बी.एल. गुप्ता के मुताबिक बहुत से पर्यटक केवल आमेर महल देखकर ही लौट जाते हैं। उनके लिए खास तरह की धरोहरों को एक जगह जमा किया जा रहा है। आमेर महल को उसके नाम के मुताबिक सजाया-संवारा भी जा रहा है।

आमेर महल के अधीक्षक जफरउल्लाह खान ने बताया कि नक्कारखाना, क्राफ्ट पर्सन के लिए आर्ट गैलरी विकसित करने के बाद अब दो तोपों को पर्यटकों के लिए रखा जाएगा। अगले एक महीने में इनकी मरम्मत पूरी होगी।

सूरजपोल की शान बढ़ाएंगी तोप
अगले महीने के अंत तक दोनों तोपों को जलेब चौक के सूरजपोल के दोनों ओर रखा जाएगा। ये उसी तरह नजर आएंगी जैसे त्रिपोलिया गेट के बाहर दो तोपें नजर आती हैं। पांच फीट लंबी इन तोपों के लिए गेट के दोनों ओर जगह बनाई जा रही है।

जयपुर के कारखाने में होगी मरम्मत
नाहरगढ़ से इन भारी-भरकम तोपों को ट्रक में लाद कर लाया गया है। इन तोपों को जयपुर के कारखाने में ले जाकर मरम्मत की जाएगी। इसके अलावा तोप के साथ नाहरगढ़ से पुरानी तिजोरियां भी निकाली गई हैं जिसे मरम्मत के बाद आमेर महल में रखा जाएगा।

आइना-ए-अकबरी में भी उल्लेख
नाहरगढ़ से आमेर महल लाई गई दोनों तोपों का उल्लेख आइना-ए-अकबरी में भी किया गया है। बताया जाता है कि ये तोपें क्षतिग्रस्त होने पर एक जगह रख दी गई थीं। सालों से बंद इन तोपों को अब आमेर महल में सजाया जा रहा है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: