अजमेर. तृतीय श्रेणी शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए लगाई गई बीएड डिग्रियों की जांच में बुंदेलखंड झांसी विश्वविद्यालय की 86 डिग्रियां फर्जी पाई गई हैं। संबंधित अभ्यर्थियों की नियुक्ति को निरस्त किया जाएगा और विभाग उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करवाएगा।
बाहरी राज्यों की डिग्री जांचने के लिए भरतपुर उपनिदेशक कार्यालय को बुंदेलखंड झांसी विश्वविद्यालय बीएड डिग्री की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। विश्वविद्यालय में 100 डिग्रियों की जांच की गई। उनमें से 86 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का मिलान वहां नहीं पाया गया। बड़ी संख्या में फर्जी बीएड डिग्री के मामले सामने पर आने पर शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
आयुक्तालय ने शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय को आदेश दिए हैं कि इस विश्वविद्यालय की डिग्री वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। जिन जिलों में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। उनमें से फर्जी डिग्री वाले अभ्यर्थियों की सूची बनाई जाए और कार्रवाई की जाए। शिक्षा उपनिदेशक ने अब फर्जी डिग्री के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अजमेर में भी मुमकिन
फर्जी बीएड डिग्री के मामले अजमेर जिले में भी मिलने की संभावना है। संभाग में बुंदेलखंड झांसी विश्वविद्यालय की डिग्री पेश करने वाले अभ्यर्थियों की सूची जिला शिक्षा अधिकारियों से तत्काल तलब की गई है। विभाग ने फर्जी अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी तैयारी कर ली है।
>> बुंदेलखंड झांसी विश्वविद्यालय की 100 में से 86 बीएड डिग्रियां फर्जी मिली हैं। निर्देश मिले हैं कि इस विश्वविद्यालय की डिग्री पेश करने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति समाप्त कर कानूनी कार्रवाई की जाए। संभाग में ऐसे अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सुभाष मिश्र शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग