अजमेर. जिला उपभोक्ता संरक्षण मंच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए ग्राहक को नया क्रेडिट कार्ड देने अथवा क्रेडिट कार्ड के पेटे जमा कराई गई राशि जमा कराने की तारीख से 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने और 1500 रुपए परिवाद खर्च देने के एकतरफा आदेश दिए।
पाल बीसला रेलवे कॉलोनी निवासी दिलीप कुमार रावत ने क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया था। क्रेडिट कार्ड के लिए रावत ने बैंक द्वारा मांगी गई 2115 रुपए की राशि 28 नवंबर 2006 को जमा करा दी। बाद में बैंक ने उससे 1200 रुपए, 200 रुपए और साढ़े पांच सौ रुपए और लिए तथा आश्वस्त किया कि 10-15 दिन में 10 हजार रुपए की क्रेडिट लिमिट वाला कार्ड मिल जाएगा।
जब उसे कार्ड मिला तब तक उसकी जानकारी के बिना खरीदारी हो गई और क्रेडिट लिमिट चार हजार रुपए रह गई। दिलीप ने बैंक को शिकायत की, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी।
मंच ने बैंक के मैनेजर, बैंक के निदेशक और बैंक के एजेंट दिनेश व अरुण शर्मा को नोटिस भेजे लेकिन न तो उन्होंने जवाब पेश किया और न ही आरोपों का विरोध किया। इस पर मंच ने बैंक को नया कार्ड जारी करने अथवा अब तक जमा की गई राशि ब्याज सहित लौटाने और परिवाद व्यय चुकाने के एकतरफा आदेश जारी किए।