अजमेर.
खुशियों को तारीख से जोड़ना उन्हें याद रखने का एक तरीका भर है, लेकिन कलेंडर की गलियों में कुछ तारीखें सचमुच खास होती हैं। जैसे कि 29 फरवरी क्योंकि लीप ईयर चार साल में एक बार आता है। जाहिर है इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों का बर्थ डे भी अपने आप में खास हो जाता है।
जनाना अस्पताल में भी 29 फरवरी शुरू होने के साथ दो मेहमान दुनिया में आए। रात 12 बजकर 35 मिनट पर थांवला की धन्नीदेवी ने बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी नॉर्मल नहीं होकर सिजेरियन थी। धन्नी की मां गीता ने ‘भास्कर’ को बताया ‘अंग्रेजी तारीख में तो समझूं कौनी, पण म्हारो दोयतो तो फागण में आयो है, यो तो फागण को राजकुमार है।’
धन्नी के बाद राजगढ़ की रिंकू ने भी बेटे को जन्म दिया। जच्च-बच्च ठीक होने के कारण अस्पताल स्टाफ राहत में दिखा। रिंकू के पति महेंद्र माली ने बताया कि अपने बेटे का जन्म दिन चार साल में एक दफा ही मनाएंगे। मगर 29 फरवरी के खास दिन बेटा हुआ है। यह किस्मत की बात है। पहली दफा नानी बनी कंचन देवी की खुशी भी छुपाए नहीं छुप रही थी।
>> 29 फरवरी का दिन होने के कारण कुछ खास अहसास होना लाजिमी है। मुझे खुशी है कि दोनों ही केस को हमारी टीम ने अच्छी तरह से हैंडल किया।’
डॉ.बलदेव चौधरी, जनाना अस्पताल
>> यह मौका मुझे याद रहेगा। पूरी टीम ने उत्साह के साथ काम किया।
डॉ. रितेश जैन, जनाना अस्पताल
स्टाफ भी खुश
दो डिलीवरी और दोनों ही सिजेरियन। दोनों डिलीवरी को सुरक्षित तरीके से पूरी करवाने के लिए जनाना अस्पताल की टीम जुटी रही। स्थिति सामान्य होने पर सभी के चेहरों पर खुशी नजर आई।
कोई नहीं आया..
बड़े शहरों में जहां 29 फरवरी को डिलीवरी टालने के केस बढ़ रहे हैं, लेकिन अजमेर में ऐसा नहीं है। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसा कोई भी दंपती सामने नहीं आया जो 29 फरवरी को डिलीवरी नहीं चाहता हो।
एक्सट्रा ऑर्डिनरी होते हैं..
ज्योतिषी हरिश्चंद्र व्यास के अनुसार लीपर बच्चे भाग्यशाली होते हैं। लीप ईयर में जन्म लेने वाले बच्चे एक्सट्रा स्पेशल होने के साथ-साथ गिफ्टेड भी होते हैं। इस महीने सूर्य और चंद्र ग्रहण होने के कारण यह साल बच्चों के लिए लकी और फेवरेबल है।