महेसाणा/कलोल (गुजरात).
यदि चलती ट्रेन में महिला को प्रसव हो जाए और नवजात शिशु ट्रेन से नीचे गिरकर भी सुरक्षित बच जाए तो इसे चमत्कार ही माना जाएगा। ऐसा महेसाणा के समीप हुआ। राजस्थान के स्वरूपगंज की गर्भवती महिला भूरीबहन कणबी ट्रेन से अहमदाबाद जा रही थी।
रात करीब साढ़े ग्यारह बजे आंबलियासण नामक स्टेशन के समीप जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तब वह शौचालय में थी। प्रसव के दौरान पीड़ा बढ़ने पर वह बेहोश हो गई और नवजात कन्या शौचालय के रास्ते नीचे ट्रैक पर गिर गई। ट्रेन 25 किलोमीटर दूर जाने के बाद बच्ची के गिरने का पता लगा।
बच्ची को लावारिस समझकर ग्रामीण ले गए थे। बाद में उन्होंने उसे परिजनों को सौंप दिया। वहां से वापस आकर बच्ची की जानकारी ली तो कालोल स्टेशन के पास पहुंच चुकी थी।
उधर, आंबलियासण में गश्त पर निकले ग्राम सेवादल के युवक तेजमल रबारी को पटरियों के बीच पड़ा शिशु मिला। उसने स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दी। बाद में कलोल सिविल अस्पताल में नवजात शिशु व मां का मिलन हुआ। महिला अपने देवर के साथ जोधपुर से अहमदाबाद में कार्यरत पति से मिलने जा रही थी।