बीकानेर. बीकानेर रेलवे स्टेशन यार्ड परिसर में बनने वाली वाशिंग लाइन का निर्माण कार्य मई-जून तक पूरा होने की उम्मीद है। जिस समय इस परियोजना की शुरुआत हुई थी उसके अनुसार यह कार्य 31 मार्च 2008 से पहले पूरा होना था मगर अदालती प्रक्रिया के चलते यह योजना तीन महीने लेट हो गई। इसका खमियाजा भी बीकानेर की जनता को उठाना पड़ा और रेलबजट में बीकानेर के हिस्से एक भी ट्रेन नहीं मिली।
जोन मुख्यालय ने भी नई वाशिंग लाइन के अभाव में बीकानेर मंडल के प्रस्तावों को अनदेखी कर दी। फिलहाल बीकानेर में केवल लालगढ़ रेलवे स्टेशन यार्ड में ही वाशिंग लाइन है जहां पर ट्रेनों की धुलाई होती है।
एक ही वाशिंग लाइन होने के कारण इस पर लोड रहता है जिसका खमियाजा ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को उठाना पड़ता है। नई वाशिंग लाइन के लिए इन दिनों निर्माण कार्य जारी है। पानी के लिाए वाटर टैंक बनाया गया है। अब फाउंडेशन निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।
2009 तक पूरा ब्राडगेज
वर्ष 2009 के अंत तक आमान परिवर्तन का कार्य पूरा हो जाएगा। रेवाड़ी से सादुलपुर के बाद सादुलपुर से हिसार, रतनगढ़, डेगाना से बीकानेर तक चरणबद्ध तरीके से आमान परिवर्तन होगा। सादुलपुर से बीकानेर तक की दूरी करीब 465 किलोमीटर है। वर्ष 2008-09 में उत्तर-पश्चिमी रेलवे जोन में 607 किलोमीटर अमान परिवर्तन प्रस्तावित है इसमें बीकानेर मंडल में करीब 215 किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है।
अप्रैल तक मिनी बाइपास
मालगाड़ियों को शहर के बाहर से ही कोलायत की ओर रवाना करने के लिए मिनी बाइपास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। लालगढ़ रेलवे स्टेशन यार्ड परिसर में बन रहे इस मिनी बाइपास के लिए अर्थवर्क का कार्य अंतिम चरण में है। इसके बाद पटरियां बिछाई जाएगी। बीकानेर मंडल का प्रयास है कि यह कार्य अप्रैल तक पूरा कर लिया जाए। इससे शहर में रेल फाटकों की समस्या से आमजन को राहत मिलेगी।