नई दिल्ली. मैं आपको कश्मीर नहीं दे सकता और न ही आप मुझे कश्मीर दे सकते हैं लेकिन फिर भी इस बारे में बात करने में क्या हर्ज है? भारत के पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल से तत्काली पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने माले में यह बात कही थी।
इस रोचक संस्मरण का उद्घाटन करते हुए गुजराल ने कहा कि भारत-पाक रिश्तों को लेकर सालों से बातचीत होती रही है। पाकिस्तान के पूर्व सेना और लोक सेवा अधिकारी अरशद समी खान की किताब का जारी करते हुए गुजराल ने कहा कि पाकिस्तान वर्तमान में उस मकाम पर खड़ा है जहां से वह इतिहास रच सकता है। हर भारतीय को इंतजार है कि आगे क्या होने वाला है।
थ्री प्रेसिडेंट्स एंड एन एड : लाइफ, पावर एंड पॉलिटिक्स शीर्षक से लिखी इस किताब में अरशद ने तीन नेताओं के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान के इतिहास पर नजर डाली है और तानाशाहों के उदय और पतन को भी रेखांकित किया है। अरशद याहया खान, अयूब खान और जुल्फिकार अली भुट्टो के सहायक रह चुके हैं।