कोटा.
स्वायत्तशासी संस्था नगर विकास न्यास अगले वर्ष 200 करोड़ से भी अधिक का बजट पेश करने वाली है। सभी विभागों ने प्रारंभिक डिमांड बनाकर दे दी है। अब इसमें न्यास के शीर्ष अफसरों की अंतिम मुहर लगना शेष है।
न्यास के अधिकारिक सूत्र बताते हैं कि बजट का तखमीना तैयार कर लिया गया है। इंजीनियरों ने अगले वित्तीय वर्ष में खर्च का ब्यौरा दे दिया है। इसे जल्द ही फाइनल कर दिया जाएगा। नए बजट के साथ-साथ गत वर्ष के बजट का भी आंकलन किया जा रहा है।
वर्ष 2007-08 में यूआईटी ने 204 करोड़ रुपए का बजट तैयार किया था। इसमें 204 करोड़ की आय थी तो लगभग इतनी ही राशि व्यय करनी थी लेकिन, जनवरी तक न्यास 103 करोड़ रुपए ही विभिन्न मदों में खर्च कर पाई है। फरवरी और वित्तीय वर्ष के अंतिम माह मार्च में करीब 30 करोड़ रुपए और खर्च हो सकते हैं। इन दो महीनों में आय होने की भी संभावना है।
बहरहाल, वित्तीय वर्ष पूरे होने से पहले यूआईटी नया बजट पेश करने की कसरत में जुट गई है। गुरुवार को न्यास के लेखा विभाग में बजट के सिलसिले में बैठक हुई। मार्च के पहले सप्ताह में न्यास का बजट फाइनल होने की उम्मीद है।
>> न्यास सचिव के बाद न्यास अध्यक्ष बजट को मंजूर करेंगे। अगले वित्तीय वर्ष में खर्च का ब्यौरा तैयार कर लिया गया है। तीन-चार दिनों में बजट फाइनल हो जाएगा। गत वर्ष की तुलना में इस बार बजट अधिक होने की संभावना है।’
सीमा मीणा, लेखा अधिकारी नगर विकास न्यास
2007-08 का बजट
आय 204 करोड़ रुपए
खर्च 201 करोड़ रुपए
कहां गए करोड़ों रुपए
न्यास कर्मचारियों के वेतन-भत्ते में 3 करोड़ रुपए
विकास योजनाओं में 25 करोड़ रुपए
गैर योजना क्षेत्र में 14 करोड़ रुपए
24 करोड़ रुपए अन्य खर्च
सरकार को चुकाए 36 करोड़ रुपए
न्यास के पास कहां से आए करोड़ों रुपए
जमीनें बेचकर 72 करोड़ रुपए
दुकानें बेची और मकानों से किश्तें वसूली 275 लाख रुपए
राजीव गांधी नगर में प्लॉट बेचे 55 करोड़ रुपए
अन्य मदों से आय लगभग 25 करोड़ रुपए