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Budget farmer Budget farmer नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने 2008-09 का बजट पेश करते हुए कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों के लिए कर्ज माफी और कर्ज राहत योजना की घोषणा की।
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों व सहकारी ऋण संस्थान की ओर से 31 मार्च, 2007 तक वितरित और 31 दिसंबर 2007 तक नहीं चुकाए गए सभी ऋणों को इस योजना के तहत लाया जाएगा।
घोषणा के मुताबिक सीमांत और छोटे किसानों के 29 फरवरी 2008 तक नहीं चुकाए गए सभी ऋण माफ कर दिए जाएंगे। साथ ही अन्य किसानों के लिए एकबारगी निपटान योजना का प्रावधान किया गया है।
एकबारगी निपटान योजना के अंतर्गत 75 फीसदी ऋण भुगतानके एवज में 25 फीसदी की छूट का प्रावधान किया गया है। कर्ज माफी और कर्ज राहत योजनाएं 30 जून, 2008 तक पूरी कर ली जाएगी। कर्ज माफी और एकबारगी निपटान के अंतर्गत कर्ज राहतके समझौते पर हस्ताक्षर होने पर किसान सामान्य नियमोंके अनुसार बैंकों से नए कृषि लेने के हकदार होंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों के अनुसार वर्ष 2004-06 के दौरान पुर्नसरचित और पुनर्निधारित किए गए कृषि ऋण भी इस योजना के तहत एकबारगी निपटान या माफी के हकदार होंगे।
इस योजना से लगभग 3 करोड़ छोटे और सीमांत किसान व एक करोड़ अन्य किसान लाभान्वित होंगे। माफ किए जा रहे ऋणों का कुल मूल्य 50 हजार करोड़ रुपए अनुमानित है। वहीं, एकबारगी निपटान में 10 हजार करोड़ रुपएके ऋणों से किसानों को राहत मिल सकती है।
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