जयपुर. मौसम की मार से इस बार राज्य में सरसों का उत्पादन पांच लाख टन से ज्यादा घटने का अनुमान है। पाले से इस बार 18 जिलों में सरसों की फसल खराब हुई है। इनमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, राजसमंद, जैसलमेर, अजमेर, अलवर, सीकर, दौसा, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, जोधपुर, झालावाड़, जयपुर, बीकानेर, बाड़मेर, टोंक व भरतपुर आदि जिले शामिल हैं।
हनुमानगढ़ जिले में एक लाख 18 हजार हेक्टेयर में सरसों व तारामीरा की 80 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है। श्रीगंगानगर में 2 लाख 21 हजार हेक्टेयर में 60 फीसदी सरसों की फसल खराब होने का अनुमान है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पाले व शीतलहर से राज्य में 5 लाख 85 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल प्रभावित होने की अनुमान है। इस साल राज्य में 23 लाख 38 हजार हेक्टेयर में सरसों की बुआई हुई है।
इसमें 32 से 34 लाख टन सरसों का उत्पादन होने का अनुमान था, लेकिन मौसम की मार से अब करीब 28 लाख टन सरसों की पैदावार होने की ही उम्मीद है। पिछले चार साल से राज्य में सरसों का उत्पादन बढ़ रहा था। पिछले दस वर्र्षो में वर्ष 2002-03 में सरसों का सबसे कम 11.78 लाख टन उत्पादन हुआ था।