जयपुर. झंडेवाला महावीर कालोनाइजर के निदेशक सूरज प्रकाश मीणा को बचाने के लिए प्रभावशाली लोग जुट गए हैं। इनमें राजनेता व अधिकारी भी शामिल हैं। एसओजी की गिरफ्त में आए सूरज प्रकाश की मां ने उसकी गिरफ्तारी के समय कई उच्चधिकारियों को झंडेवाला द्वारा प्लाट दिए जाने का खुलासा किया था। इसी तरह उसका संबंध कई राजनेताओं से भी जग जाहिर है।
एसओजी की कार्रवाई से पूर्व उसके खिलाफ मालवीय नगर, रामगंज, बजाज नगर व सांगानेर पुलिस थानों में कई शिकायतें पीड़ितों ने की, लेकिन पुलिस ने दर्ज नहीं की। इसके चलते उसने दूसरी गृह निर्माण सहकारी समिति की पूरी योजना पर ही कब्जा कर लिया। एक माह पहले हालत यह थी कि कई पुलिस थानों में सूरज प्रकाश के पहुंचते ही पुलिसकर्मी उसकी खातिरदारी में जुट जाते थे।
सूरज प्रकाश के रिमांड पर चलने के दौरान एसओजी कार्यालय में तीन विधायक उससे मिलने गए और उससे करीब आधा घंटे तक बात करके आए। उन्होंने एसओजी अधिकारियों से सूरजप्रकाश का ख्याल रखने की सिफारिश भी की। कई नेता व अधिकारी एसओजी के अधिकारियों से सूरजप्रकाश को बचाने की सिफारिशें भी कर चुके हैं।
एक और भू माफिया गिरफ्तार
दो प्लाटों के फर्जी पट्टे जारी किए, भारी मात्रा में खाली पट्टे व अन्य कागजात जब्त
सीआईडी की एसओजी विंग ने शुक्रवार रात फर्जी पट्टे देने में मामले में महेंद्र पारीक को गिरफ्तार किया। उस पर दो भूखंडधारियों को फर्जी पट्टे देकर करीब साढ़े तीन लाख रुपए हड़पने का आरोप है। उसके कार्यालय से भारी मात्रा में प्लाटों के कागजात बरामद हुए हैं। इससे पहले एसओजी ने सूरजप्रकाश मीणा को भी फर्जी पट्टों के मामले में गिरफ्तार किया था।
एसओजी के डीआईजी ए.पोन्नूचामी ने बताया कि हिम्मत नगर निवासी मुरारीलाल गुप्ता ने गीता विहार-ए में भारत भवन निर्माण सहकारी समिति का 233 वर्गगज का एक प्लाट वर्ष 2001 में मंगलचंद मीणा से खरीदा था। इस योजना में 160 फुट सड़क बन जाने से समिति ने प्लाटों का आकार संशोधित कर जेडीए को अवगत करा दिया।
गुप्ता ने अपने प्लाट का संशोधित आबंटन पत्र व साइड प्लान मांगा तो समिति के मंत्री महेंद्र कुमार पारीक (47) ने धोखे से मूल आबंटन पत्र व रसीदें ले ली। इसके बाद करीब चार साल से उसे चक्कर लगवाता रहा और कागजात नहीं दिए। गत नवंबर में गुप्ता ने कार्रवाई की धमकी दी तो महेंद्र कुमार ने 3 सितंबर 96 को भारत भवन निर्माण सहकारी समिति की ओर से जारी आबंटन पत्र दे दिया, जो गीता विहार-बी के एक भूखंड का था।
उस पर मंत्री महेंद्र कुमार, अध्यक्ष सतीशचंद्र माथुर व उपाध्यक्ष खुशालचंद डागा के हस्ताक्षर थे। गुप्ता को इस स्कीम में काश्तकार व समिति के बीच विवाद की जानकारी भी मिली। बाद में गुप्ता ने फर्जी पट्टा दिए जाने की शिकायत एसओजी से की। एसओजी ने शुक्रवार रात टोंक रोड वसुंधरा कॉलोनी निवासी महेंद्र कुमार पारीक को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने शनिवार को उसे चार दिन के रिमांड पर भेजा है। समिति के अध्यक्ष माथुर व उपाध्यक्ष डागा की तलाश की जा रही है।
दूसरा मामला
मुरारी लाल गुप्ता की तरह उगंती देवी (70) के साथ भी प्लाट के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने का मामला एसओजी के सामने आया है। इसमें भी समिति के तीनों पदाधिकारी शामिल हैं।
मकान में कार्यालय
आरोपी महेंद्र कुमार ने घर पर ही समिति का कार्यालय बना रखा है। तलाशी में भारी मात्रा में विवादित दस्तावेज मिले हैं। इनमें पदाधिकारियों के हस्ताक्षरयुक्त खाली पट्टे, आबंटन पत्र, हस्ताक्षरित हिस्सा राशि पत्र बिना भरे, भूखंडधारियों के दर्जनों आबंटन पत्र, राशि जमा कराए जाने से संबंधित रसीद बुकें, समिति की मुहरें, अनधिकृत रूप से निरस्त किए गए कई आबंटन पत्र, समिति की विभिन्न आवासीय कॉलोनियों के प्लान, मानचित्र, सदस्यों की सूची आदि हैं।
कई पट्टे जारी किए
जांच में सामने आया है कि समिति ने 1995 के बाद से ऑडिट नहीं कराया। गैर कानून तरीके से पूर्व तिथियों में अवैध कारोबार किया जा रहा है। एक ही प्लाट के कई पट्टे जारी कर लोगों को ठगा जा रहा था।
सूरजप्रकाश के खिलाफ 45 मामले
झंडेवाला महावीर कालोनाइजर के खिलाफ ‘भास्कर’ में खबर प्रकाशित होने के बाद एसओजी व जयपुर के विभिन्न थानों में अब तक 45 मामले दर्ज हो चुके हैं। एसओजी के पास 44 मामलों की सूची पहुंच चुकी है। आरोपी सूरज प्रकाश मीणा गिरफ्तारी के बाद रिमांड पर था। शनिवार को उसे जेल भेज दिया गया। अब उसे दुबारा रिमांड पर लिया जाएगा।