बीकानेर. 50 लाख रुपए में जनाना अस्पताल में कितने बैड बढ़ाए जा सकते हैं? पीबीएम अस्पताल प्रशासन एस्टीमेट बनाकर यह जानने की मशक्कत में जुटा है। वजह है चिकित्सा सचिव की ओर से मांगे गए प्रस्ताव। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव डा.गोविंद शर्मा ने मेडिकल कॉलेज से उस राशि के प्रस्ताव मांगे हैं जो बजट में मंजूर की गई है।
इसमें डायबिटिक केयर हॉस्पिटल, जिरियाट्रिक केयर हॉस्पिटल संचालन, सर्पदंश पर शोध, जनाना विंग का विस्तार, वूलन वैलनेस क्लिनिक स्थापना जैसे बिन्दु शामिल हैं। बजट घोषणा के तुरंत बाद मिली सचिव की इस चिठ्ठी के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रिंसिपल डा.डी.पी.पूनिया ने सभी संबंधित विभागों व अस्पताल अधीक्षक को पत्र की प्रतियां भेजकर प्रस्ताव बनाने के लिए कहा है।
ऐसे में अस्पताल प्रशासन जो कि सर्वाधिक चिंतित जनाना अस्पताल में बिस्तरों की कमी से हैं, यह एस्टीमेट बनवाने में जुटा है कि 50 लाख रुपए में कितने बैड की क्षमता बढ़ जाएगी। वजह है, सिर्फ बिस्तर ही नहीं बढ़ाने हैं उनके अनुपात में सेवाओं का विस्तार भी आवश्यक है। अस्पताल की ओर से पूर्व में भेजे गए प्रस्तावों में सौ बैड बढ़ाने की जरूरत बताई गई थी। प्रति बैड लगभग एक लाख रुपए की लागत आंकी गई थी।
ऐसे में मंजूर हुए 50 लाख रुपए से लगभग 50 बैड तक का विस्तार हो सकता है। सरकार की ओर से रिक्यूरिंग व नोन रिक्यूरिंग दो मदों में राशि स्वीकृत की गई है। दोनों मदों में कुल स्वीकृत राशि एक करोड़ 34 लाख रुपए हैं। रिक्यूरिंग मद में स्वीकृत राशि जहां उपकरण, भवन जैसे स्थायी और सिविल वर्क में खर्च होगी वहीं नोन रिक्यूरिंग राशि सहायक कार्यो में खर्च की जाएगी।