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यूआईटी के सर्वे से नेताओं की नींद उड़ी

कोटा. परिसीमन के बाद बनी तीन विधानसभाओं कोटा उत्तर, कोटा दक्षिण और लाडपुरा की कच्ची बस्तियों के नियमन के लिए किए गए सर्वे ने नेताओं की नींद उड़ा दी है। यूआईटी ने ताजा आंकड़ों में बताया है कि 49 बस्तियों के 16 हजार 279 व्यक्तियों का सर्वे किया गया। इसमें से पट्टा जारी करने योग्य कुल 2 हजार 51 व्यक्ति ही हैं।

चुनावी हलकों में माना जाता है कि इन कच्ची बस्तियों में मौजूद वोटर परिणामों को बदलने में अहम भूमिका रखता है। गत विधानसभा चुनावों में सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधियों को इन्हीं स्थानों से बढ़त मिली थी। यानि, यदि यूआईटी का सर्वे हूबहू लागू कर दिया जाता है तो 14 हजार 228 सर्वेधारियों को पट्टा नहीं मिलेगा। स्पष्ट है कि यदि पट्टा नहीं मिलता है तो यह तबका नाराज हो सकता है।

ऐसे में आने वाले विधानसभा चुनावों में सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों को कच्ची बस्ती में रहने वाले लोगों का गुस्सा झेलना पड़ेगा। इस बात का अंदाजा होते ही सत्तापक्ष के नेताओं ने जयपुर की दौड़ लगा दी है। वे सर्वे नियमों में शिथिलता की बात लेकर सरकार के पास पहुंच गए हैं। उम्मीद थी कि शनिवार को नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव परविंदर सिंह पंवार के साथ यूआईटी सचिव व अधीक्षण अभियंता वीके गोलछा की मीटिंग में कच्ची बस्ती नियमन के नियमों में शिथिलता पर फैसला होगा लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।

सर्वे का नतीजा

कुल 49 बस्तियों के सर्वेधारियों की संख्या 16279
अनियमन योग्य 24 बस्तियों में सर्वेधारियों की संख्या 6502
नियमन योग्य 25 बस्तियों के सर्वेधारियों की संख्या 9777
पट्टा जारी नहीं करने योग्य व्यक्ति 7726
पट्टा जारी करने योग्य व्यक्ति 2051

अनियमन योग्य

दादाबाड़ी उड़िया बस्ती, हरिओम नगर कच्ची बस्ती, गुर्जर बस्ती दादाबाड़ी, रामनगर, डकनिया रेलवे स्टेशन से विज्ञान नगर तक, घोड़ेवाले बाबा कच्ची बस्ती, राजीव गांधी नगर, गणोशपाल बालापुरा, चंबल नदी के किनारे की कच्ची बस्ती, गोबरिया बावड़ी, सुर सागर, उड़िया बस्ती तलवंडी, डीसीएम चौराहे के पास न्यास की दुकानों के सामने, साजी देहड़ा, हजीरा बस्ती, श्याम नगर, शिवपुरा, हनुमान नगर, अधरशिला, पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर कच्ची बस्ती, रायपुरा, अमन कॉलोनी विज्ञान नगर, शिवसागर व छत्रपुरा तालाब।

नियमन योग्य

केशवपुरा-ए, केशवपुरा-बी, रंगविहार अम्बेडकर नगर कच्ची बस्ती, गांधीनगर बी पीएनटी कॉलोनी के पास, छत्रपुरा कॉलोनी, गांधीनगर-ए, आनंदपुरा, प्रेमनगर-ए, बी व सी, थेकड़ा, संजयगांधी-ए, संजयगांधी-बी, विज्ञान नगर उड़िया बस्ती, दोस्तपुरा-ए, दोस्तपुरा-बी, बृजराज कॉलोनी, दुर्गाबस्ती, दुर्गाबस्ती विस्तार (100), सूर्य नगर, बजरंग नगर, गोविंद नगर, संतोषी नगर, रंगबाड़ी, बालाकुंड, बापू नगर व आदर्श नगर।

जनप्रतिनिधि बोले

स्वायत्त शासन मंत्री और मुख्यमंत्री से कच्ची बस्तियों के नियमन के बारे में चर्चा जारी है। जिनके सर्वे हुए हैं उन सभी को पट्ट दिलाए जाएंगे।
—ओम बिरला, संसदीय सचिव

नियमन के लिए नियमों में शिथिलता दी जाए, इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दे दी गई है। चार मार्च को यूआईटी प्रतिनिधियों के साथ भी इस बारे में चर्चा होगी।
—भवानीसिंह राजावत, संसदीय सचिव





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