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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. तुरकाडीह के ग्रामीणों की मार से बुरी तरह घायल होने के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रहे दूसरे अवयस्क लकड़बग्घे की शुक्रवार की रात करीब दो बजे मौत हो गई, जबकि एक लकड़बग्घा उपचार प्रारंभ होने से ही पहले ही गंभीर रूप से घायल होने के कारण कल चल बसा था। ग्रामीणों द्वारा मारपीट करने के बाद दूसरे अवयस्क लकड़बग्घे का जबड़ा बुरी तरह से जख्मी हो गया था।
हालांकि कल शाम को ही कानन पेंडारी के पशुचिकित्सक डा. पवन चंदन ने लकड़बग्घे की मौत होने की आशंका जताई थी और रात में उसकी मौत हो गई। आज लकड़बग्घे का पोस्टमार्टम करने के बाद उसके शव को जलवा दिया गया।
उल्लेखनीय है कि कल अरपा नदी के तट पर खोह में रह रहे दो लकड़बग्घे को ग्रामीणों ने मार-मारकर घायल कर दिया था। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी ने उन्हें लोहे के पिंजरे में डालकर उपचार के लिए कानन पेंडारी ले गए थे, लेकिन वे दोनों लकड़बग्घे को नहीं बचा सके।