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बंद रहा बिलासपुर

बिलासपुर.bandh पेट्रोलियम पदार्थो की मूल्यवृद्घि के खिलाफ शिवसेना का नगर बंद सफल रहा। मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप, सराफा समेत अन्य चिल्हर व थोक व्यापारिक प्रतिष्ठान सुबह से लेकर शाम तक बंद रहे। इस बीच सुबह गोलबाजार के व्यवसायियों व शिवसैनिकों के बीच हल्की झड़प हुई। शनिवार सुबह से ही जीप व मोटरसाइकिल पर सवार शिवसैनिकों की चार-पांच टोलियां शहर का बाजार व दुकानों को बंद कराने के लिए गश्त कर रही थी।

जहां-जहां भी व्यापारी सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो उन्हें शिवसैनिकों ने धमकाकर, नारेबाजी कर पहले ही रोक दिया। करीब 9 बजे गोलबाजार में भी जब व्यवसायी दुकान खोलने पहुंचे तो शिवसैनिकों ने उन्हें मना किया। इसके चलते व्यवसायियों व शिवसैनिकों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद व्यवसायियों ने एकजुट होकर शिवसैनिकों को खदेड़ दिया।

यहां सदर बाजार की कुछ बर्तन दुकानें और गोलबाजार की कपड़े की दुकानें, होटल, किराना दुकानें खुली रहीं। व्यापारियों व आंदोलनकारियों के बीच तनावपूर्ण माहौल देखकर यहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इसके बाद व्यापार विहार, बुधवारी सभी जगह की दुकानों को शिवसैनिकों ने खुलने ही नहीं दिया। जिला आटो संघ, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी समेत कई व्यापारी संगठनों ने नगर बंद में शिवसेना को समर्थन दिया।

इसके चलते बंद का आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा। कपड़ा, सराफा, किराना, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर्स समेत सभी प्रकार की दुकानें बंद रहीं। परीक्षा का समय होने के कारण किसी भी स्कूल व कालेज को बंद से मुक्त रखा गया था। इसके अलावा शासकीय कार्यालय भी खुले रहे। आटो चालक भी दिन भी बंद के समर्थन में रहे। इसके चलते स्टेशन व बस स्टैंड से आने-जाने वालों को दिक्कत उठानी पड़ी।

टाकीजों में भी सुबह के दो शो नहीं हुए। शाम होने के बाद बाजार में हल्की रौनक आई। कुछ डेलीनिड्स, डेयरी आदि दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोलीं, वहीं पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर आदि भी शाम को पूरी तरह खुल गए। शिवसेना के महानगर प्रमुख नासिर खान का कहना है कि स्कूल-कालेजों में परीक्षा होने के कारण किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया गया है। इसके अलावा कहीं भी हिंसा या तोड़फोड़ नहीं की गई है।

बंद की सफलता के लिए प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नवल सिंह, विनय मिश्रा, जिला प्रमुख सुनील झा पूरे समय निगरानी कर रहे थे, साथ ही शिवसैनिकों की गतिविधियों पर भी नजर रखा गया था।

शराब दुकानों पर नहीं पड़ा असर: शिवसेना के बंद के बावजूद गोलबाजार व अन्य क्षेत्रों की शराब दुकानें खुली रहीं। हालांकि शटर नीचे गिरा दी गई थी। बंद के बाद भी दुकानों से शराब बिक्री की जाती रही। अन्य व्यापारियों में इसके प्रति आक्रोश भी देखा गया।

पेट्रोल के लिए भटके लोग: नगर बंद के चलते शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप भी बंद थे। लोग पेट्रोल पंपों के चक्कर काटते दिखे। सत्यम चौक के पास स्थित वलराज पेट्रोल पंप के खुले होने पर वहां काफी भीड़भाड़ देखी गई।

प्रशासन रहा सक्रिय: नगर बंद पर जिला व पुलिस प्रशासन काफी सक्रिय दिखाई दिया। मुख्य चौक-चौराहों पर विशेष व्यवस्था की गई थी। गोलबाजार में झड़प के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा थानों की पेट्रोलिंग टीम दिनभर शहर में गश्त करती रही।

करोड़ों का व्यापार प्रभावित: आज के नगर बंद में व्यापारी करोड़ों का व्यापार प्रभावित होने की बात बता रहे हैं। शहर में प्रतिदिन सराफा का ही बाजार करीब एक करोड़ का होता है। व्यापार विहार व बुधवारी में भी एक करोड़ से अधिक का थोक व्यापार है। इसके अलावा चिल्हर व्यवसाय भी बंद में प्रभावित रहा।

गाली-गलौज का आरोप: कुछ व्यवसायियों ने शिवसैनिकों पर बंद कराने के लिए गाली-गलौज व जबरदस्ती का आरोप लगाया है। दुकान बंद नहीं करने पर शिवसैनिक गाली देने पर उतारू हो जाते थे। कुछ दुकानदारों को दहशत में आकर दुकान बंद करना पड़ा।

भाजयुमो कार्यकर्ता हुए परेशान: आज शिवसेना के नगर बंद के साथ भारतीय जनता युवा मोर्चा की महंगाई विरोधी रैली निकाली गई थी। इसमें प्रदेश भर के कार्यकर्ता बिलासपुर आए थे। रैली के बाद कार्यकर्ता जब कुछ खाने-पीने निकले तो न तो उन्हें होटल खुले मिले, न ही भोजनालय। इसके चलते उन्हें चाय-नाश्ता कुछ भी नसीब नहीं हो सका।





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