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गली-गली में शोर, अधिकारी बहरे

अमृतसर. शहर में दिनोंदिन बढ़ रहे ऑटोज और व्हीकल्स के कारण नॉयस पॉल्यूशन बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड भी गंभीर नहीं है। नॉयस पॉल्यूशन को मापने तक के यंत्र सही तरीके से इंस्टॉल नहीं किए गए हैं। शहर में कहां सबसे ज्यादा नॉयस पॉल्यूशन हो रहा है, इसकी भी पूरी जानकारी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के पास नहीं है। कंस्ट्रक्शन और जनरेटर इसमें इजाफा कर रहे हैं।

साइलेंस जोन की जानकारी नहीं

स्कूलों और अस्पतालों के आसपास का एरिया साइलेंस जोन में आता है। यहां कोई वाहन चालक प्रैशर हॉर्न का प्रयोग नहीं कर सकता। न ही इस एरिया में रैली आदि हो सकती है, लेकिन इसको लेकर लोगों में जागरुकता नहीं है और न ही ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन इस तरफ ध्यान देता है। अस्पतालों के बाहर इस तरह के बोर्ड भी नहीं लगे हुए हैं, जो लोगों को इस बारे में अवेयर करे।

जुर्माना

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक शहर में डीजे, एंप्लीफायर, लाउड स्पीकर आदि चलाने की सख्त मनाही है। कोई व्यक्ति इन नियमों को तोड़ता है तो उसे नॉयस पॉल्यूशन रूल्स वर्ष 2000 के तहत 6 महीने की सजा या दो हजार रुपया जुर्माना या दोनों हो सकता है। प्रशासन इनकी उल्लंघना पर चालान भी काटता है, लेकिन लोगों का सहयोग न मिलने पर यह कम नहीं हो रहा।

डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट आफिसर विमल सेतिया ने बताया कि साइलेंस जोन के रूल तोड़ने पर मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार एक हजार रुपए जुर्माने के साथ 3 महीने की सजा हो सकती है।

जनरेटर्स बढ़ा रहे हैं पॉल्यूशन

बिजली कट्स भी शहर में नॉयस पॉल्यूशन बढ़ाने में सहयोग दे रहे हैं। शहर में दिन में 3-4 घंटे बिजली कट्स लग रहे हैं। इस कारण लोगों को जनरेटर्स ऑन करने पड़ते हैं। जनरेर्ट्स के कारण शहर में शोर दोगुना हो जाता है। वहीं एयर पॉल्यूशन भी बढ़ता है।

ये हैं टॉप प्वाइंट

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हाल बाजार, पुतली घर, फव्वारा चौक, शेरां वाला गेट, शहीदां गुरुद्वारा चौक, गुरु तेग बहादुर अस्पताल, ईएनटी अस्पताल, डेंटल अस्पताल (नजदीक कंपनी गार्डन)

जुर्माना

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक शहर में डीजे, एंप्लीफायर, लाउड स्पीकर आदि चलाने की सख्त मनाही है। कोई व्यक्ति इन नियमों को तोड़ता है तो उसे नॉयस पॉल्यूशन रूल्स वर्ष 2000 के तहत 6 महीने की सजा या दो हजार रुपया जुर्माना या दोनों हो सकता है। प्रशासन इनकी उल्लंघना पर चालान भी काटता है, लेकिन लोगों का सहयोग न मिलने पर यह कम नहीं हो रहा।

प्रभाव अधिक शोर कानों पर तो प्रभाव डालता ही है, साथ में यह मानसिक प्रभाव भी डालता है। तेज शोर से सुनने की शक्ति का कम होना, स्मरण शक्ति का कम होना आदि कई बीमारियां हो सकती है।

क्या है सही मात्रा

साइलेंस जोन 45 डेसीबल

रेजीडेंशियल एरिया 55 डेसीबल

कमर्शियल 65 डेसीबल

इंडस्ट्रियल एरिया 75 डेसीबल

डेली रुटीन नॉयस पॉल्यूशन

साइलेंस जोन 75 से ज्यादा

रेजीडेंशियल में 85 डेसीबल

कमर्शियल में 90 से ज्यादा डेसीबल

इंडस्ट्रियल एरिया 90 से ज्यादा

डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट आफिसर विमल सेतिया ने बताया कि साइलेंस जोन के रूल तोड़ने पर मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार एक हजार रुपए जुर्माने के साथ 3 महीने की सजा हो सकती है।





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