मुंबई अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पाम तेल और सोया तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के मद्देनजर घरेलू वायदा व हाजिर बाजारों में तेल व तिलहन की कीमतों में बीते सप्ताह के दौरान अच्छी-खासी बढ़त देखने को मिली।
शिकागो बोर्ड आफ ट्रेड (सीबोट) में सोया और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की वजह से मलेशिया के वायदा बाजार (बीएमडी) में साप्ताहिक कारोबार के दौरान पाम तेल की कीमत शुक्रवार को 4 हजार मलेशियन रिंगिट प्रति टन के उच्चतम स्तर को पार कर गई थी। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तेल व तिलहन की कीमतों में तेजी को को समर्थन कमजोर आपूर्ति और सितंबर तक स्टाक में और कमी की संभावना से भी मिला। गौरतलब है कि घरेलू बाजार में तेल व तिलहन की कीमतों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार काफी हद तक प्रभावित करता है। इसकी वजह है कि देश के कुल घरेलू खपत का 40 फीसदी यानी एक करोड़ बीस लाख टन खाद्य तेल विदेशों से आयात होता है।
कारोबारियों के अनुसार आने वाले दिनों में सरकार द्वारा आयात कर को अपरिवर्तित रखे जाने •े मद्देनजर घरेलू तेल व तिलहन की कीमतों में और बढ़त देखी जा सकती है।
इस बीच आयात कर में कटौती की संभावना को देखते हुए कारोबारियों ने पिछले कुछेक सप्ताह से खाद्य तेलों की खरीद को स्थगित कर दिया था। आयात कर में कटौती नहीं किए जाने से कारोबारियों के द्वारा फिर से खरीद में तेजी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।