वाशिंगटन हर बीस में से तीन व्यक्तियों को उम्र के किसी न किसी पड़ाव पर किडनी में पथरी की समस्या से जूझना पड़ता है। लेकिन •ुछ कारणों से चूहों के साथ ऐसा नही होता। शोधाथिर्यों ने इस गुत्थी को सुलझाने का दावा किया है।
पथरी मूल रूप से रसायनों का क्रिस्टलीय जमाव होता है जिसे मूत्र के साथ निकल जाना चाहिए। ऑक्सालेट जसे रसायन जो खाने में सामान्यतया पाए जाते हैं वे मलत्याग के समय क्लोराइड के बदले बाहर निकल जाते हैं।
लेकिन यदि कम नमक वाले खाने में जरा भी क्लोराइड बच गया तो ऑक्सालेट आंतों में रह जाता है और पथरी बननी शुरू हो जाती है। लेकिन चूहों में ऐसा स्वाभाविक रूप से नही होता।
द जर्नल ऑफ फिजियोलाजी में प्रकाशित इस नए अध्ययन के अनुसार एक जसी संरचना के बावजूद ऑक्सालेट निकालने वाले प्रोटीन को चूहों की तुलना में मनुष्यों में ऑक्सालेट बाहर निकालने के लिए अधिक क्लोराइड की आवश्यकता होती है।
यहां तक कि कुछ मनुष्यों में एक अलग तरह का प्रोटीन ऑक्सालेट को आयात भी करता है। ऑक्सालेट को निकालने का अणु रचना संबंधी यह रहस्योद्घाटन, पथरी के बेहतर इलाज में सहायक सिद्ध हो सकता है।